नए साल में रेलवे के दफ्तरों की दीवारों पर रेलवे के कैलेंडर नहीं दिखेंगे। चेंबर में अधिकरियों के सामने टेबल कैलेंडर भी नहीं होंगे। कोरोना काल में खर्चों में कटौती करते हुए रेलवे बोर्ड ने छपाई पर रोक लगा दी है। ऐसा पहली बार है जब रेलवे में रेलवे के कैलेंडर, कार्ड और डायरी नहीं छप रही है। यह बदलाव मुख्यालय गोरखपुर परिसर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

कैलेंडर और कार्ड को भी डिजिटल प्लेटफार्म पर लाने की चल रही तैयारी

जानकारों का कहना है कि खर्चों को कम करने के लिए नहीं बल्कि रेलवे बोर्ड कैलेंडर और कार्ड को भी डिजिटल प्लेटफार्म पर लाने की तैयारी कर रहा है। अब कैलेंडर अधिकारियों के कंप्यूटर और लैपटाप के डेस्कटाप पर रहेंगे। डिजिटल कैलेंडर और कार्ड बनाने की कवायद भी शुरू हो गई है। दरअसल, कैलेंडर और कार्ड की छपाई में अधिक खर्च नहीं आता है। मुख्यालय गोरखपुर में ही करीब 15 हजार कैलेंडर छपते हैं, जिसकी लागत लगभग डेढ़ लाख रुपये ही आती है। जबकि पूर्वोत्तर रेलवे का वार्षिक बजट ही हजारों करोड़ में होता है।

खैर, मामला जो भी हो कर्मचारी संगठनों को रेलवे प्रशासन का यह फरमान रास नहीं आ रहा। एनई रेलवे मजदूर यूनियन के महामंत्री केएल गुप्त कहते हैं कि कैलेंडर, कार्ड और डायरी रेलवे की पहचान होती है। कैलेंडर और कार्ड दफ्तरों की शोभा बढ़ाते हैं। कैलेंडर में रेलवे की वार्षिक उपलब्धियों के अलावा अवकाश की सूची भी रहती है। इसका उपयोग अधिकारी ही नहीं कर्मचारी भी करते हैं। रेलवे का यह निर्णय अनुचित है। यूनियन इस निर्णय को वापस लेने की मांग करती है। पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के प्रवक्ता एके सिंह कहते हैं कि बोर्ड के इस निर्णय से कर्मचारी ही प्रभावित होंगे। अधिकारी कंप्यूटर पर कैलेंडर देख सकेंगे, लेकिन कर्मचारी तो विभाग में टंगे कैलेंडर के ही भरोसे रहता है। कैलेंडर हर हाल में प्रकाशित होनी चाहिए।

कर्मचारियों के मोबाइल में होंगे रेलवे के कैलेंडर

मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह के अनुसार रेलवे तेजी से डिजिटलीकरण की ओर बढ़ रहा है। हर क्षेत्र में चाहे वो ट्रेन संचालन से संबंधित हो या फिर कर्मचारी कल्याण से। सभी तरह की कार्य प्रणाली को ई- प्लेटफार्म पर लाया जा रहा है। इससे समय की बचत हो रही है, कार्यों में दक्षता एवं पारदर्शीता भी बढ़ी है। इसी क्रम में नव वर्ष में डिजिटल कैलेंडर सभी कर्मचारियों को उपलब्ध कराया जाएगा। जिससे वे अपने मोबाईल में सुरक्षित रख सकेंगे। इसमे रेलवे की छुट्टियों का भी विवरण रहता है। इससे रेल लाइन पर तैनात कर्मचारियों को काफी सहूलियत मिलेगी।