रेलवे के सरकारी आवासों पर किराएदार रखना अब नौकरी पर भारी पड़ सकता हैं। अधिकारियों व कर्मचारियों को आवंटित होने वाले सरकारी आवासों को किराएदारी पर चलाने वालों के खिलाफ अब सख्त एक्शन होने की उम्मीद है। जिसकी शुरुआत बरेली से हो चुकी है।

रेलवे के सरकारी आवासों पर किराएदार रखना अब नौकरी पर भारी पड़ सकता हैं। अधिकारियों व कर्मचारियों को आवंटित होने वाले सरकारी आवासों को किराएदारी पर चलाने वालों के खिलाफ अब सख्त एक्शन होने की उम्मीद है। जिसकी शुरुआत बरेली से हो चुकी है। रेलवे प्रशासन ने एेसे कर्मचारियों को चिंहित करके उनकी रिपोर्ट भेजने के आदेश दिए है। इसके साथ ही ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने के भी आदेश जारी किए है।

इज्जतनगर मंडल में बीते दिनों इसके लिए अभियान चलाया गया था। यहां किराए पर कुछ मकानों में लोग रहते मिले थे। जिस पर मकान खाली करा नोटिस भी जारी कि गई थी। वहीं मुरादाबाद मंडल के बरेली जंक्शन में भी इसकी अब सूची तैयार कि जा रही है। सुभाष नगर में रेलवे के आवास बने हुए हैं। जिन्हें कई लोगों द्वारा किराए पर उठा रखा गया है। यहां कर्मचारियों को आवंटित आवास की जगह पर दूसरे लोग रह रहे हैं। जिसकी कई बार शिकायत भी की जा चुकी है।

वहीं खाली पड़े आवासों में भी कुछ लोगों ने कब्जा कर रखा है। यहां तैनात लोग निजी मकानों में रहकर रेलवे से आवंटित आवास को किराए पर उठा रखे हैं। रेलवे बोर्ड जी की निदेशक अनीता दास ने सभी रेल मंडलों के डीआरएम को पत्र भेजकर कहा है कि ऐसे रेलवे कर्मचारियों को चिन्हित किया जाए, जिनके आवासों में वह खुद नहीं रहकर दूसरे लोगों को किराए पर दे रखे हैं। ऐसे लोगों के आवास खाली कराकर उनकी रिपोर्ट देने को कहा गया है। जिससे कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सके।