पेंशनभोगी और कर्मचारी बढ़ती महंगाई के साथ अपने जीवन स्तर को बनाए रख सकें, इसको ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार हर साल जनवरी 1 और जुलाई 1 को डीए में इजाफा करती है।

केंद्रीय कर्मचारियों को कोरोना संकट के चलते महंगाई भत्ते (DA) पर मार झेलनी पड़ी है। सरकार कर्मचारियों को पुरानी दर ही महंगाई भत्ता दे रही है। महंगाई भत्ता साल में दो बार बढ़ाया जाता है। इस साल जनवरी में डीए में चार फीसदी की बढ़ोत्तरी की गई लेकिन कोरोना संकट और फिर लॉकडाउन से उपजे हालातों के बाद पुरानी दर को ही बहाल किया गया। इसके बाद जुलाई में भी मंहगाई भत्ता नहीं बढ़ा। पेंशनभोगी और कर्मचारी बढ़ती महंगाई के साथ अपने जीवन स्तर को बनाए रख सकें, इसको ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार हर साल जनवरी 1 और जुलाई 1 को डीए में इजाफा करती है। जनवरी में सरकार ने इसमें चार फीसदी की बढ़ोत्तरी की थी जिसके बाद यह 17 फीसदी से 21 फीसदी पर पहुंच गया था।

फिलहाल 30 जून 2021 तक महंगाई भत्ता पुरानी दर पर ही दिया जा रहा है। महंगाई भत्ते पर यह दर 31 दिसंबर 2019 के मुताबिक यानी 17 फीसदी से दी जा रही है। 1 जुलाई 2021 के बाद ही महंगाई भत्ते पर बढ़ोत्तरी पर फैसला लिया जाएगा। कोरोना काल में कुछ फैसले ऐसे थे जिनका असर फिलहाल कर्मचारियों की जेब पर पड़ रहा है तो कई सहुलियतें भी दी गईं। सरकार ने पूर्वोत्तर, लद्दाख, अंडमान निकोबार द्वीप समूह और जम्मू-कश्मीर की यात्रा के लिए कर्मियों का लीव ट्रैवल अलाउंस (एलटीए) की सुविधा दो साल के लिए बढ़ा दी है।