कोरोना महामारी के बीच दीपावली व दशहरा पर हर कोई अपने घर जाना चाहता है। इसे देखते हुए ट्रेनों में तेजी से सीटें बुक की जा रही हैं। दोनों त्योहारों के आसपास की तारीखों में प्रतिदिन लोग टिकट बनवा रहे हैं। लोगों को उम्मीद है कि त्योहारों तक कोरोना संक्रमण का प्रकोप कम हो जाएगा। वे पूर्व की तरह अपने परिवार के साथ त्योहार की खुशियां मना सकेंगे। आरक्षण की सबसे अधिक मांग नागपुर, पुणे, चेन्नई, मुंबई, गोरखपुर, अहमदाबाद से आने और जाने वाली ट्रेनों में है।

अभी रेलवे कोरोना महामारी के बीच देश भर में अप और डाउन की 250 ट्रेनों का संचालन कर रहा है। इनमें 50 ट्रेनें झांसी से होकर गुजर रही हैं। साथ ही रेलवे हर हफ्ते स्पेशल ट्रेनों की संख्या भी बढ़ाता जा रहा है। अक्तूबर में ट्रेनों की संख्या पांच सौ तक पहुंचने की उम्मीद है। हालांकि, इन ट्रेनों में जरूरत पर ही मुसाफिर सफर रहे हैं। इसके बाद भी ट्रेनों की संख्या कम होेने और गाड़ी में सिर्फ कंफर्म टिकट वाले यात्रियों को सफर करने की अनुमति मिलने से सीटें जल्दी- जल्दी भर रही हैं।

इस बार दशहरा 25 अक्तूबर व दीपावली 14 नवंबर को पड़ रही है। तमाम यात्री जो कोरोना महामारी के बीच दूसरे शहरों में काम पर लौट चुके हैं, उनमें अधिकांश त्योहार पर घर लौटना चाहते हैं। यही कारण है कि सभी प्रमुख स्पेशल ट्रेनों में उक्त दोनों त्योहारों के आसपास की तिथियों में सीटें भरना शुरू हो गईं हैं।

इनमें साबरमती एक्सप्रेस, गोरखपुर लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस, पुष्पक एक्सप्रेस, कुशीनगर एक्सप्रेस, बंगलूरू राजधानी एक्सप्रेस, जीटी एक्सप्रेस, कर्नाटका एक्सप्रेस, गोवा एक्सप्रेस, बुंदेलखंड एक्सप्रेस शामिल हैं। अगर वक्त रहते यात्री सीट बुक नहीं करा सके तो उनको तत्काल टिकट के लिए इंतजार करना होगा। इन दिनों प्रारंभिक स्टेशन से ट्रेन चलने के एक दिन पहले मिलने वाले तत्काल का टिकट बनवाने के लिए भी मारामारी मची है।

तत्काल टिकट के लिए यह बरतें सावधानियां

  • तत्काल टिकट पाने के लिए यात्री पहले से पता कर लें कि संबंधित स्टेशनों के लिए कौन-कौन सी स्पेशल ट्रेनें जाती हैं।
  • आरक्षण फार्म पर नाम, पता, जिस शहर में जा रहे हों उसका नाम, पोस्ट ऑफिस का पिन कोड नंबर, आईडी नंबर, स्वयं के हस्ताक्षर को भरकर पहले ही पूरी तरह तैयार रखें।
  • आरक्षण लेते समय अगर फार्म में भरी गई ट्रेन में आरक्षण नहीं मिल सके तो तुरंत दूसरी ट्रेन का नंबर फार्म पर भरें।
  • फार्म पर स्पष्ट नाम, ट्रेन नंबर, स्टेशन का नाम, उम्र, लिंग, पता, मोबाइल नंबर आदि भरें। ताकि कर्मचारी को फार्म में कमियां निकालने का मौका न मिल सके।
    दो काउंटर कम होने से बढ़ी परेशानी
    झांसी रेलवे स्टेशन पर तत्काल आरक्षण के लिए पहले पांच काउंटर थे, मगर अब दो ही काउंटर बचे हैं। इनमें एक नंबर काउंटर सांसद, विधायक, पत्रकार, अधिवक्ता, वरिष्ठ नागरिक व महिलाओं के लिए है। बाकी काउंटर पर भीड़ लगी रहती है।