अगले महीने से रेलवे 100 नई ट्रेनें (Railway to run 100 more train from next month) चलाने की तैयारी कर रहा है। इन ट्रेनों में अधिकतर ट्रेनें गैर वातानुकूलित श्रेणी की होंगी, जिससे किराया कम होगा। बता दें कि अक्टूबर-नवंबर के त्योहारी सीजन में ट्रेनों की मांग काफी अधिक बढ़ जाती है।

रेलवे की योजना है कि अगले महीने से ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जाए। रेलवे ने ये तैयारी इसलिए की है, क्योंकि अक्टूबर और नवंबर के बीच यात्रियों की संख्या काफी बढ़ जाती है। यात्रियों की संख्या में हुई इस बढ़ोतरी को ध्यान में रखते हुए ही अगले दो महीनों में करीब 100 नई ट्रेनें (Railway to run 100 more train from next month) चलाई जाने की योजना बनाई जा रही है। इन ट्रेनों में अधिकतर ट्रेनें गैर वातानुकूलित श्रेणी की होंगी। इन ट्रेनों के जरिए त्योहारी सीजन में आम आदमी को काफी मदद मिलेगी।

कम होगा किराया, गैर वातानुकूलित होंगी ट्रेनें रेलवे ने जो 100 नई ट्रेनें चला रही है, उनमें अधिकतर गैर वातानुकूलित इसलिए रखी गई हैं, ताकि उनका किराया कम रहे। बता दें कि अभी रेलवे की तरफ से 40 क्लोन ट्रेनें चलाई जा रही हैं और इसमें अधिकतर ट्रेनें वातानुकूलित श्रेणी की हैं। इस वजह से इन ट्रेनों का किराया थोड़ा अधिक है। ऐसे में आम आदमी को सफर करना महंगा पड़ रहा है। आम आदमी को किराए से राहत देने के लिए ही गैर वातानुकूलित ट्रेनें चलाई जा रही हैं।

त्योहारी मौसम में बढ़ जाती है आवाजाही अक्टूबर और नवंबर महीने में बहुत सारे त्योहार हैं। इन महीनों में दुर्गा पूजा, दशहरा, दिवाली और छठ जैसे बड़े त्योहार होते हैं। ऐसे में अपने घरों से दूर काम करने गए लोग परिवार के साथ त्योहार मनाने के लिए अपने घर जाते हैं। इसकी वजह से इन दो महीनों में यात्रियों की संख्या में काफी इजाफा हो जाता है। मांग में हुए इस इजाफे को मौजूदा ट्रेनों के जरिए पूरा नहीं किया जा सकता।

आधी से ज्यादा ट्रेनें बिहार और बंगाल को जोड़ने वाली रेलवे ने जिन 100 ट्रेनों को चलाने की योजना बनाई है, उसमें आधी से अधिक ट्रेनें बिहार और बंगाल को जोड़ेंगी। हालांकि, ट्रेन के जनरल कोच में भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाएगा। ये सभी ट्रेनें आरक्षित कोच वाली होंगी। हर जोन से संभावित मांग की जानकारी लेने के बाद ये ट्रेनें चलाई जा रही हैं और जरूरत पड़ने पर ट्रेनों की संख्या और बढ़ाई जा सकती है।