रिटायरमेंट को लेकर काफी समय से जारी असमंजस की स्थिति को लेकर भी सरकार ने स्पष्टीकरण दिया। कोरोना काल के दौरान रिटायर होने वाले कर्मचारियों को पेंशन पेमेंट ऑर्डर आने तक प्रोविजनल पेंशन दिए जाने का भी फैसला लिया गया।

केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को लेकर मोदी सरकार ने इस साल में अबतक कई फैसले लिए हैं। कोरोना काल में कुछ फैसले ऐसे थे जिनका असर फिलहाल कर्मचारियों की जेब पर पड़ रहा है तो कई सहुलियतें भी दी गईं। इसके अलावा पेंशनर्स को भी सरकार ने राहत दी है। वहीं रिटायरमेंट को लेकर काफी समय से जारी असमंजस की स्थिति को लेकर भी सरकार ने स्पष्टीकरण दिया।

सबसे पहले बात करें महंगाई भत्ते को लेकर तो केंद्र सरकार ने अप्रैल में तय किया था कर्मचारियों का जनवरी 2020 से जून 2021 तक महंगाई भत्ता नहीं बढ़ेगा। कोरोना महामारी से जारी लड़ाई के बीच कर्मचारियों के अलावा पेंशनर्स पर भी यह फैसला लागू किया गया। हालांकि सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि बाद में यह व्यवस्था बहाल कर दी जाएगी। सरकार के इस फैसले का सीधा असर सैलरी और पेंशन पर पड़ रहा है।

वहीं लॉकाडाउन में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए तमाम विभागों में रोस्टर नए सिरे से लागू किए गए। इससे कई कर्मचारियों को हफ्ते में दो या तीन दिन ही ऑफिस जाना पड़ रहा था। लेकिन फिलहाल यह व्यस्था लगभग खत्म कर दी गई है। सरकार ने तय किया है कि कर्मचारियों को रात में ड्यूटी करने पर अलग से अलाउंस दिया जाएगा।पहले ये अलाउंस ग्रेड पे के आधार पर दिया जाता था लेकिन सरकार ने इसपर रोक लगा दी है।

इसके अलावा कोरोना काल के दौरान रिटायर होने वाले कर्मचारियों को पेंशन पेमेंट ऑर्डर आने तक प्रोविजनल पेंशन दिए जाने का भी फैसला लिया गया। वहीं कोरोना संकट के बीच मोदी सरकार ने शुक्रवार को केंद्रीय कर्मचारियों के लिए सेंट्रल गवर्नमेंट इम्प्लॉई ग्रुप इंश्योरेंस स्कीम की बेनेफिट टेबल जारी कर दी। सेवानिवृत्ति तक, केंद्र सरकार का एक कर्मचारी केंद्र सरकार के कर्मचारी समूह बीमा योजना में योगदान देता रहता है। CGEGIS 1980 योजना बीमा कवरेज के साथ आती है और कर्मचारी के लिए बचत कोष के रूप में भी काम करती है।