India turns epicentre of emerging markets rout

रेलवे में रनिंग कर्मचारियों  के रनिंग भत्ते के एरियर का भुगतान किया गया है। जो वर्ष 2017-18, 2018-19 तथा 2019-20 के वित्तीय वर्ष का है , परन्तु सारी राशि को वित्तीय वर्ष 2019-20 के आय में जोड़कर आयकर की कटौती कर ली गई । इससे रनिंग कर्मचारियों को एक बड़ी राशि की आर्थिक हानि का सामना करना पड़ा है। ईसीआरकेयू ने विभिन्न फोरम पर रेल प्रशासन के समक्ष यह अनुरोध किया था कि कार्मिक विभाग द्वारा संबंधित रनिंग कर्मचारियों को उनको दिए गए रनिंग भत्ते का वर्षवार एरियर शीट उपलब्ध कराया जाए ताकि रनिंग कर्मचारी आयकर विभाग को अपने पिछले वर्षों का संशोधित आयकर रिटर्न विहित फार्म में जमा कर आयकर के रूप में काटी गई अतिरिक्त राशि का रिफंड प्राप्त कर सकें। 

इस समस्या के समाधान के लिए अपर महामंत्री डी. के. पांडेय, केंद्रीय कोषाध्यक्ष मो. ज़्याउद्दीन तथा जोनल सेक्रेटरी ओ. पी. शर्मा ने मंडलीय स्तर से लेकर जोनल स्तर पर संबंधित अधिकारियों के समक्ष इसके लिए आवश्यक उपाय करने की बात रखते रहे । ईसीआरकेयू के इस प्रकार के लगातार प्रयास के बाद साफ्टवेयर में संशोधन किया गया। वर्तमान में पदस्थापित वरीय मंडल कार्मिक अधिकारी  जयप्रकाश सिंह ने भी इस मामले को गंभीरता से लेकर पहल की । 

वर्तमान वेबसाइट पर रनिंग भत्ते की एरियर शीट के लिए एक लिंक जेनेरेट किया गया है, जहां से प्रत्येक रनिंग कर्मचारी अपना एरियर शीट निकाल सकता है और संशोधित आयकर रिटर्न दाखिल कर रिफंड वापस ले सकता है । कर्मचारी हित के इस समस्या के समाधान के लिए ईसीआरकेयू के समस्त पदाधिकारियों ने रेल प्रशासन को धन्यवाद दिया है।  जानकारी देते हुए अपर महामंत्री डी. के. पांडेय ने मंगलवार को कहा कि ईसीआरकेयू सदा से ही हर रेलकर्मी के हितों के लिए प्रयासरत रहता है और आगे भी रहेगा । इस अवसर पर टीके साहू, एके दा, एन. के. खवास, राजू चौबे, तपन बिस्वास, ओर सोमेन दत्ता आदि अन्य उपस्थित थे।