ललितपुर रेल सेक्शन उदयपुरा बजाज पावर प्लांट साइडिंग में कार्यरत कर्मचारियों को सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। आरोप है कि उनको न तो समय पर वेतन दिया जा रहा और न ही अवकाश। 16 घंटे तक की ड्यूटी कराई जाती है। यहां पर मालगाड़ी संचालन की व्यवस्था निजी हाथों में हैं। निजी कंपनी सभी नियम रेलवे के लागू करती है, लेकिन कर्मचारियों से बर्ताव वैसा नहीं किया जा रहा है। इससे संरक्षा (सुरक्षा) से खिलवाड़ रहा है। इस संबंध में एक शिकायत रेल मंडल के सीनियर डीएसओ से की गई है।

ललितपुर से टीकमगढ़ जाने वाले रेल मार्ग पर 30 किलोमीटर दूर उदयपुरा स्टेशन स्थित है। इस स्टेशन से बजाज पावर प्लांट की रेल साइडिंग लगी है। इस साइडिंग में 13 किलोमीटर क्षेत्र में पटरियों का जाल फैला है। आरएनडी व ट्रिपलर दो यार्ड बने हैं। यहां पर हर माह कोयले से भरी मालगाड़ी 150 से 200 रैक उतरते हैं। इस यार्ड में मालगाड़ियों के संचालन की व्यवस्था निजी हाथों में हैं।

कंपनी ने रेलवे की तरह स्टेशन मास्टर, गैंगमैन, एसएनटी स्टाफ, रेल पथ निरीक्षक, प्वाइट्समैन, शंटिंग मास्टर कर्मचारी लगा रखे हैं। करीब डेढ़ सौ कर्मचारियों का स्टाफ है। अधिकांश कर्मचारी रेलवे से ही रिटायर्ड लगे हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि निजी कंपनी सभी नियम रेलवे की तरह लागू करती है, लेकिन कर्मचारियों से बर्ताव वैसा नहीं किया जा रहा है। इस संबंध में पीआरओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि वह एक निजी व्यवस्था है, उसमें रेलवे का कोई दखल नहीं है।