अंबाला-सहारनपुर रेलमार्ग पर केसरी-बराड़ा के बीच बिना ब्लॉक लिए पटरी पर काम करने के मामले में रेलवे मुख्यालय ने कड़ा संज्ञान लिया है। इस मामले में सीनियर डिविजनल इंजीनियर पर भी गाज गिरी है। सीनियर डीईएन का तबादला अंबाला रेलमंडल से दिल्ली कर दिया गया है, जबकि पटरी पर काम करने वाले ठेकेदार पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। रेलकर्मियों और अधिकारियों की लापरवाही के कारण एक ट्रेन पटरी से उतरने से बच गई थी, जबकि सुपरफास्ट ट्रेन डेढ़ घंटा लेट हो गई थी।

इस मामले की जांच में इंजीनियरिग विभाग को जिम्मेदार ठहराया गया और रिपोर्ट मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) को भेज दी गई है। लापरवाही करने वाले सस्पेंड किए सीनियर सेक्शन इंजीनियर और जेई को मेजर चार्जशीट जारी कर दी गई है, जिसकी विभागीय जांच में दोषी पाए जाने पर नौकरी से बर्खास्त तक करने का प्रावधान है। जांच रिपोर्ट में पाया गया कि ब्लॉक लेकर सीनियर सेक्शन इंजीनियर या जेई को अपनी देखरेख में पटरी पर काम करवाना चाहिए था। इन दोनों कर्मचारियों ने मौके पर जाना जरूरी नहीं समझा और निचले कर्मचारियों के भरोसे ही काम शुरू करवा दिया। यदि सेक्शन में ब्लॉक लिया जाता, तो इस रूट पर दौड़ने वाली ट्रेनों को पीछे ही रोक दिया जाता। रेलकर्मियों की लापरवाही यह रही कि बिना ब्लॉक के ही काम शुरू कर दिया।

यह है मामला केसरी से बराड़ा के बीच रेल पटरी पर लगे स्लीपर के नीचे प्लास्टिक के पैड को बदलने के लिए रोजाना दो-दो घंटे का कर्मचारी ब्लॉक लेते थे और काम शुरू कर देते थे। इस ब्लॉक के बीच में कोई भी रेलगाड़ी आने के लिए ग्रीन सिग्नल नहीं दिया जाता। 11 सितंबर को इसी ट्रैक पर काम शुरू कर दिया, लेकिन रेल अधिकारियों ने कोई ब्लॉक नहीं लिया। स्लीपर के नीचे प्लास्टिक के पैड बदलने का काम चल रहा था, यानी ट्रैक अनसेफ हो गया।

पंजाब की ओर से मालगाड़ी आती नजर आई, तो रेल कर्मचारी लाल झंडी लेकर दौड़ पड़ा। रेलवे कर्मचारियों के पास इतना भी समय नहीं था कि वे पटरी के दोनों ओर लाल झंडी लगा दें। गनीमत रही कि मालगाड़ी दूर से आती दिख गई और कर्मचारी ने सूझबूझ से काम लेते हुए लाल झंडी दिखा दी। ट्रेन पर ग्रीन सिग्नल होने के कारण मालगाड़ी की स्पीड ठीकठाक थी, जिसके चलते रोकने के लिए भी चालक को रिस्क लेना पड़ा। इसी कारण से अमृतसर जाने वाली सुपरफास्ट एक्सप्रेस केसरी स्टेशन पर ही खड़ी रही।

————– इस मामले में गठित कमेटी ने रिपोर्ट दे दी है। बिना ब्लॉक के काम किया गया है, जो नहीं करना चाहिए था। ठेकेदार के टेंडर में भी शर्त है। ठेकेदार पर दो लाख का जुर्माना लगाया गया है। दो कर्मचारियों को मेजर चार्जशीट जारी की है।

– जीएम सिंह, डीआरएम, अंबाला