सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्‍थ स्‍कीम के अंतर्गत एलोपैथिक, होम्योपैथिक और आयुष उपचार की प्रणालियां शामिल हैं। इसमें यूजर को एक यूनिक नंबर मिलता है।

केंद्रीय कर्मचारियों को सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्‍थ स्‍कीम यानी सीजीएचएस स्‍वास्‍थ्‍य बीमा योजना के तहत ईलाज की सुविधा मिलती है। केंद्रीय कर्मचारियों के साथ-साथ पेंशनर्स को भी यह सुविधा मिलती है। केंद्र सरकार की इस योजना के तहत केंद्रीय कर्मचारियों के आश्रितों को भी इसका पूरा लाभ मिलता है।

योजना के तहत कर्मचारियों और उनके आश्रितों और पेंशनर्स को एक प्लास्टिक कार्ड जारी किया जाता है जिसे सीजीएचएस कार्ड कहते हैं। स्कीम के अंतर्गत एलोपैथिक, होम्योपैथिक और आयुष उपचार की प्रणालियां शामिल हैं। इसमें यूजर को एक यूनिक नंबर मिलता है। इसके साथ ही इसमें नाम, ब्लड ग्रुप, वॉर्ड, वैलिडिटी आदि की जानकारी होती है। इस कार्ड में फोटो भी छपी होती है। सीजीएचएस कार्ड की सुरक्षित अभिरक्षा लाभार्थी की जिम्मेदारी है और कार्ड के नुकसान के मामले में लाभार्थी को पुलिस और सीजीएचएस अधिकारियों को सूचित करना आवश्यक है।

यहां कर सकते हैं अप्लाई: योग्य सेवारत कर्मचारियों और पेंशनर्स (सीजीएचएस वेब पोर्टल www.cghs.nic.in और वेबसाइट www.cghs.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके साथ ही वेलनेस सेंटरों में भी आवेदन किया जा सकता है। इसके लिए आपको एक फॉर्म को भरना होता है और साथ ही फोटो, आईडी प्रूफ आदि भी अटैच करनी होती है।

बता दें कि इस स्कीम के तहत लाभार्थियों को कैशलैस इलाज की सुविधा मिलती है। यानी कार्ड धारकों को अस्पताल में इलाज के बाद डिस्चार्ज करते समय दी जाने वाली महंगी दवाइयों का खर्च खुद अपनी जेब से नहीं भरना पड़ता। सीजीएचएस के तहत पैनल में शामिल निजी अस्पतालों में जाकर कर्मचारी और पेंशनर्स इसका लाभ ले सकते हैं।

पीपीओ ‘डिजिलॉकर’ में रख सकते हैं: रिटायर्ड कर्मचारी अब अपने पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) को ‘डिजिलॉकर’ में रख सकते हैं। केंद्र सरकार ने पेंशनभोगियों को पीपीओ की ऑरिजनल प्रति के न होने पर पर इसकी ई-प्रति को मान्य कर दिया है। रिटायर होने वाले कर्मचारियों को तभी पेंशन मिलती है जब सरकार की ओर से इस नंबर को जारी किया जाता है।