भारतीय रेलवे में निजीकरण को लेकर नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने गुरुवार को कहा कि इससे सभी को फायदा ही होगा। पैसेंजर ट्रेन ऑपरेशन्स में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप पर उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे का आधुनिकीकरण हर किसी के लिए एक जीत की स्थिति है। क्वालिटी ट्रेन सेवाएं, नई तकनीक और वैल्यू एडेड सेवाएं यूजर्स के अनुभव को बढ़ाएंगी।

अमिताभ कांत ने कहा, ‘यह देश में अपनी तरह की पहली पहल होगी जहां पर भारतीय रेलवे के बुनियादी ढांचे का इस्तेमाल करते हुए पैसेंजर बिजनेस के लिए प्राइवेट कंपनियां मॉर्डन टेक्नॉलेजी देंगी और ट्रेनों का संचालन करेंगी।’ उन्होंने कहा कि हम जिस प्राइवेट क्षेत्र के निवेश की ओर देख रहे हैं, वह 30 हजार करोड़ रुपये का है।

नीति आयोग के सीईओ ने कहा कि आवेदन पहले ही मंगवाए जा चुके हैं और इसकी आखिरी तारीख सात अक्टूबर, 2020 है। हमें विश्वास है कि भारत में रेलवे की आधुनिक तकनीक के लिए दुनियाभर से निवेश आएगा।

कांत ने बताया कि यह ठीक उसी तरह का होगा, जैसे जब देश में प्राइवेट क्षेत्र के बैंक आए थे। उस समय बैंकिंग क्षेत्र में कई प्राइवेट बैंक आए। लेकिन इसका मतलब यह नहीं हुआ कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया बंद हो गया। प्राइवेट इंवेस्टमेंट से नई तकनीक आती हैं। यह रेलवे सेक्टर में कॉम्पटीशन लेकर आएगा। इससे आने वाले समय में किराया कम होगा।

पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों के लिए लगाए जाने वाले एयरपोर्ट्स जैसे यूजर चार्ज पर रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष वीके यादव ने कहा कि यह बहुत कम होगा। होगा। उन्होंने कहा, ‘यूजर चार्ज नाममात्र होगा। साथ ही, यह चार्ज केवल पुनर्विकास स्टेशनों के लिए लागू होगा। वर्तमान में सभी स्टेशनों का पुनर्विकास नहीं किया जा रहा है।’

वहीं, प्राइवेट कंपनियों द्वारा किराए में बढ़ोतरी के सवाल पर वीके यादव ने कहा कि बस किराए और हवाई किराए से उनकी प्रतिस्पर्धा होगी तो ऐसे में स्वाभाविक रूप से किराए में बढ़ोतरी ज्यादा नहीं होगी।