Indian Railways announces restart of 100 trains from June 1 | India  News,The Indian Express

रेलवे स्टेशन मास्टर से 8 घंटे की जगह 12 घंटे ड्यूटी कराने एवं नाइट ड्यूटी बंद करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए पश्चिम मध्य रेलवे में जॉब एनालिसिस के आदेश दे दिए हैं। रेल कर्मचारियों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया है माना जा रहा है कि कोरोना के चलते हुए आर्थिक घाटे से निपटने के लिए रेलवे द्वारा यह कवायद की जा रही है। जॉब एनालिसिस के लिए रेलवे ने एक कमेटी का गठन भी किया है।

कमेटी द्वारा सहायक स्टेशन मास्टर स्टेशन मास्टर संवर्ग का एचओईआर का वर्गीकरण स्थाई रूप से सी कैटेगरी से करने का विश्लेषण किया जाएगा।इस फरमान को जारी होते ही रेल कर्मचारियों में विरोध पैदा हो गया है। वेस्ट सेंटर रेलवे एम्पलाइज यूनियन के महामंत्री मुकेश गालव ने पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक को पत्र लिखकर विरोध जताया है।

रेलवे के निजीकरण के विरोध में रनिंग कर्मचारी भी शामिल होंगे ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन एवं वेस्ट सेंट्रल रेलवे एंप्लाइज यूनियन के आह्वान पर रेलवे के निजी करण के खिलाफ 14 से 19 सितंबर तक होने वाले जन आंदोलन में रनिंग कर्मचारी भी बढ़-चढ़कर भाग लेंगे। बुधवार को यूनियन कार्यालय में लोको शाखा अध्यक्ष श्री प्रकाश शर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुई रनिंग कर्मचारियों की मीटिंग में चर्चा करते हुए मंडल के उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन ने कहा कि केंद्र सरकार का 151 यात्री गाडिय़ों को प्राइवेट ऑपरेटर्स के माध्यम से चलाने एवं रेलवे के कल कारखानों को निजीकरण करने का निर्णय ना तो भारतीय रेल के हित में है ना ही देश हित में है।इससे केवल उद्योगपतियों को फायदा होने वाला है।

अब रेल कर्मचारियों के साथ-साथ व्यापारी, खिलाड़ी, बेरोजगार युवा जन छात्र संगठन, बुद्धिजीवी वर्ग, पत्रकार समाज व सभी वर्ग राजनीतिक दल, सामाजिक संगठन इस आंदोलन से जुड़ें। मंडल सह सचिव श्रीप्रकाश शर्मा ने बताया कि आगामी 14 से 19 सितंबर तक होने वाले जन आंदोलन में वेस्ट सेंट्रल रेलवे एंप्लाइज यूनियन की अगुवाई में रेलवे के कार्यालयों में गेट मीटिंग, कॉलोनियों में मशाल जुलूस, मोटरसाइकिल रैली, कॉलोनी में ब्लैक आउट, जन जागरण के साथ-साथ स्टेशन प्रांगण में प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा।