डीआरएम आफिस पर बुधवार को गार्डों ने रेल प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन व नारेबाजी की। गार्डों ने अधिकारियों पर आरोप लगाया कि नियम के विरुद्ध गार्डों से ड्यूटी कराई जा रही है। जिसके कारण एक गार्ड की मौत हो गई।

उनका कहना था कि एक सितंबर को गार्ड शरीफ को मालगा़ड़ी लेकर मुरादाबाद से सहारनपुर भेजा गया था। नियम के विरुद्ध गार्ड शरीफ को दो सितंबर सहारनपुर से रोजा तक मालगाड़ी लेकर भेज दिया गया था। जहां उसकी तबीयत खराब हो गई, इसके बावजूद रेलवे अधिकारियों ने रोजा से मुरादाबाद के लिए मालगाड़ी पर जाने का आदेश दिया। चार सितंबर की शाम को मालगाड़ी  मूंढापांडे पहुंची, जहां गार्ड शरीफ बेहोश होकर गिर पड़ा।

अधिकारियों से डाॅक्टर व एम्बुलेंस भेजने का अनुरोध किया गया, लेकिन कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई। जानकारी मिलने पर अन्य गार्ड साथी मूंढापांडे पहुंचे और मोटर साइकिल पर बैठाकर रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया। रेलवे अस्पताल के चिकित्सकों ने हालत गंभीर होने पर गार्ड शरीफ को विवेकानंद अस्पताल भेज दिया। इलाज के दौरान हार्ट फेल होने से बुधवार को शरीफ की मौत हो गई। आरोप था कि परिचालन विभाग के कर्मचारी मनमानी कर रहे हैं।

मेल एक्सप्रेस के गार्ड से मालगाड़ी और मालगाड़ी के गार्ड से मेल एक्सप्रेस ट्रेन चलवाई जा रही हैं। गार्डों ने चेतावनी दी कि उत्पीड़न नहीं रोका गया तो गार्ड मालगाड़ी नहीं चलाएंगे। मंडल रेल प्रबंधक तरुण प्रकाश ने बताया कि प्रदर्शन करने वाले गार्ड मिले थे। परिचालन विभाग के अधिकारी से जानकारी मांगी गई है। अगर कहीं कोई नियम विरुद्ध ड्यूटी कराया जा रही है, तो उसमें सुधार कराया जाएगा।