आल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के राष्ट्रीय महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा ने कहा कि सरकार रेलवे को प्राइवेट कंपनियों को बेचने जा रही है। रेलवे अस्पताल को बंद करने जा रहा है। सरकार की नीतियों का विरोध करने वाले अधिकारियों का तबादला कर दिया जा रहा है। सरकार की नीतियों के खिलाफ रेल कर्मियों को आरपार की लड़ाई लडऩे को तैयार रहने की आवश्यकता है।

लखनऊ से दिल्ली जाते समय थोड़ी देर के लिए मुरादाबाद में शिव गोपाल मिश्रा रुके और नरमू के पदाधिकारियों से रेलवे बचाओ आंदोलन की तैयारी के बारे में जानकारी ली। पत्रकारों से वार्ता में कहा कि सरकार ने रेलवे के निजीकरण करने तैयारी कर ली है। 150 ट्रेनों का निजीकरण करने जा रही है। प्राइवेट कंपनी भारतीय रेल की चलाएगी। प्राइवेट ट्रेन के चालक व गार्ड भी भारतीय रेल के होंगे लेकिन लाभ प्राइवेट कंपनियों को मिलेगा। सरकार लाभ में चलने वाले कंटेनर कारपोरेशन बेचने जा रही है। सरकार पूंजीपतियों को कम कीमत में संपत्ति बेचने का प्रयास कर रही है। रेलवे अस्पताल में चिकित्सा सुविधा बढ़ाने के बजाय बंद करने की तैयारी शुरू कर दी है।

रेलवे की निर्माण फैक्ट्रियों को पहले निगम बनाया जाएगा, उसके बाद उससे भी प्राइवेट कंपनी को बेच दिया जाएगा। देश भर के रेल कर्मियों ने रेल को बचाने के लिए आंदोलन शुरू कर दिया है। रेल कर्मियों को संदेश दिया है कि रेल बचाने के लिए आरपार की लड़ाई लडऩे को तैयार रहें। इसके पहले हुई बैठक में मंडल मंत्री राजेश चौबे, रोहित कुमार बाली, एमपी चौबे, मनोज शर्मा, सुहेल खालिद, सुनील शर्मा आदि उपिस्थत थे।