रेलवे में लंबी नौकरी कर सेवानिवृत्ति के करीब पहुंच चुके कर्मचारियों को समय से पहले रिटायर होना पड़ सकता है। रेल मंत्रालय ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए ग्रुप सी कर्मचारियों का डाटा रेलवे बोर्ड ने तलब किया है। ऐसे कर्मचारियों के काम का तरीका, कार्य कुशलता और उनके योगदान की समीक्षा की जाएगी।

प्रदर्शन के आधार पर ही इन कर्मचारियों को रेल सेवा से जुड़े रहने और हटाए जाने का फैसला होगा। 30 साल की नौकरी या फिर 55 साल की उम्र पूरी कर चुके रेलवे के तृतीय श्रेणी कर्मचारियों को चिह्नित किया गया है। 

रेलवे बोर्ड ने नौ जुलाई को ही सभी जोनल रेलवे को पत्र जारी कर एक महीने में इस तरह के कर्मचारियों को चिह्नित करने को कहा था। बोर्ड से जारी आदेश के तहत पूर्व मध्य रेल ने धनबाद रेल मंडल को भी पत्र जारी कर नौ सितंबर तक विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने का संदेश भेजा है।

ईसीआर मुख्यालय के पत्र की जानकारी मिलते ही यहां के कर्मचारियों की बेचैनी बढ़ गई है। दरअसल, रेलवे का मानना है कि सेवानिवृत्ति के करीब कर्मचारियों की कार्यक्षमता कम हो जाती है। उन्हें लगता है कि अब तो चार-पांच साल ही बचे हैं, जो किसी तरह कट जाएगा। यही कारण है कि रेलवे समीक्षा करेगी। इसमें जो लोग सक्रिय हैं, उन्हें रखा जाएगा और सुस्त कर्मचारियों को हटा दिया जाएगा।

ऐसे होगी समीक्षा :

  • आउट स्टैंडिंग और वेरी गुड लिखा हो तो टल जाएगा खतरा
  • लगातार तीन साल गुड लिखा हो तो खतरा बरकरार
  • एवरेज या पुअर लिखा हो तो समय से पहले लेना पड़ सकता है वीआरएस

रिटायरमेंट से पहले रेल कर्मचारियों की छंटनी की प्लानिंग चल रही है। किसी ने बच्चों के लिए शिक्षा लोन लिया है। किसी को बेटी की शादी करनी है। इस कार्रवाई से कर्मचारियों का भविष्य प्रभावित होगा। -राकेश प्रसाद, मंडल मंत्री, पूर्व मध्य रेल मजदूर यूनियन।