COVID-19: Railways' refund exceeds earning from passengers in Q1, but  freight holds ground, RTI find- The New Indian Express नए साल में बदलेगा रेलवे का स्वरूप रेलवे बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ट्रेन नहीं चलाया जाना भी बोर्ड की योजना का ही एक हिस्सा है। बोर्ड द्वारा बड़े स्तर पर रेलवे में बदलाव की तैयारी की जा रही है। उम्मीद की जा रही है कि ये बदलाव नए साल की शुरुआत में लागू होगा। ये बदलाव ट्रेन संचालन से लेकर कार्यप्रणाली तक में किया जाएगा। इसलिए अगले साल तक तस्वीर साफ़ होगी। अनलॉक के बाद रेलवे द्वारा देशभर में फिलहाल 230 स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। यात्रियों की मांग और ट्रेनों के संचालन को समान्य करने के उद्देश्य से रेलवे ने देशभर में करीब 90 और स्पेशल ट्रेनों को चलाने की योजना बनाई थी। अभी तक भी इन्हें शुरू नहीं किया गया है। वहीं फ्लाइट की तरह ही ट्रेनों में भी यात्री भार बढ़ने लगा है। लेकिन रेलवे ना तो रेगुलर ट्रेनों को चलाने पर विचार कर रहा है ना ही स्पेशल ट्रेनों की संख्या में बढ़ोतरी कर रहा है। जयपुर की सात ट्रेनों में 80 से 150 फीसदी ऑक्युपेंसी जयपुर से शुरू होने वाली और बाईपास गुजरने वाली सात ट्रेनों में कंफर्म सीट के लिए मारामारी होने लगी है। लगातार बढ़ते यात्री भार के कारण लोग कंफर्म सीट कराने के लिए रेलवे के आपातकाल कोटे के लिए जुगत लगा रहे हैं। जयपुर से जुड़ी ट्रेनों में ऑक्युपेंसी फुल चल रही है। बॉम्बे सुपर (02955) में 99 फीसदी, दिल्ली-अहमदाबाद राजधानी (02958) में 85 फीसदी, जोधपुर-हावड़ा (02308) में 144, जयपुर-जोधपुर इंटरसिटी (02478) में 83, जयपुर-बॉम्बे सुपरफास्ट (02956) में 132, दिल्ली-अहमदाबाद आश्रम सुपरफास्ट (02916) में 140 और हावड़ा-जोधपुर (02307) में 96 फीसदी ऑक्युपेंसी फुल है। लगातार बढ़ाई जा रही है स्पेशल ट्रेनों की संचालन अवधि रेलवे बोर्ड फिलहाल स्पेशल ट्रेनों की बुकिंग को ही आगे बढ़ा रहा है। जयपुर से शुरू होने वाली 2 और बाईपास होकर गुजरने वाली 4 स्पेशल ट्रेनों में दिसंबर के पहले सप्ताह की बुकिंग शुरू हो चुकी है। ऐसे में यह लगभग तय हो चुका है कि इस साल के अंत तक रेलवे रेगुलर ट्रेनों का संचालन नहीं करेगा। नए साल में बदलेगा रेलवे का स्वरूप रेलवे बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ट्रेन नहीं चलाया जाना भी बोर्ड की योजना का ही एक हिस्सा है। बोर्ड द्वारा बड़े स्तर पर रेलवे में बदलाव की तैयारी की जा रही है। उम्मीद की जा रही है कि ये बदलाव नए साल की शुरुआत में लागू होगा। ये बदलाव ट्रेन संचालन से लेकर कार्यप्रणाली तक में किया जाएगा। इसलिए अगले साल तक तस्वीर साफ़ होगी।