जानिए रेलवे से जुड़ी 11 मुख्य बातें - 11 facts about indian railway and  world - AajTak

खर्च कम करने के लिए रेलवे रसीद, पास और पीटीओ की छपाई बिलासपुर जोन में बंद करेगा। इसे अब पूरी तरह से डिजिटल कर दिया जाएगा। इस समय बिलासपुर जोन के अंतर्गत बिलासपुर, रायपुर और नागपुर तीन मंडल आते हैं। इसमें 45 हजार अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं, जिन्हें यह सुविधा उपलब्ध है। अब तक यह सब सिकंदराबाद से छपकर आ रहा है। जिसे 2021 तक बंद कर दिया जाएगा। वहीं रेलवे द्वारा प्रायोगिक तौर पर डिजिटल पास और सुविधा टिकिट आदेश (पीटीओ )देने का कार्य शुरू कर दिया गया है।



भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आइआरसीटीसी) द्वारा आम यात्रियों के लिए डिजिटल टिकट जारी किए जा रहे हैं और मोबाइल पर टिकट का पूरा विवरण भेजा जाता है। इसे सभी जगह मान्य भी किया जाता है। उसी तरह से रेलवे कर्मचारियों, अधिकारियों के लिए पास, पीटीओ को भी डिजिटल किया जा रहा है। अब तक रेलवे कर्मचारियों और अधिकारियों को जो पास पीटीओ दिया जाता है, वह वाटर मार्क पेपर का होता है। विशेष तरह के कागज पर छपाई की जाती थी। अब तक इसे मुंबई और खड़गपुर से मंगाया जाता था। जहां से अब आपूर्ति बंद कर दी गई है। इस समय सिकंदराबाद से ही आपूर्ति की जा रही है। जिसे भी 2021 तक बंद कर दिया जाएगा। इस समय बिलासपुर जोन के कुछ कर्मचारियों अधिकारियों को डिजिटल पास पीटीओ प्रायोगिक तौर पर जारी किए गए हैं।



साल भर में अफसरों को चार पास और आठ पीटीओ की सुविधा
रेलवे द्वारा अपने अफसरों को साल भर में छः पास और आठ पीटीओ दिया जाता है । इसी तरह से कर्मचारियों को तीन पास और चार पीटीओ की सुविधा दी जाती है। पास के माध्यम से जहां कार्मिक मुफ्त में यात्रा की पात्रता रखते हैं, वहीं पीटीओ में एक तिहाई राशि का भुगतान करना पड़ता है। गैंगमैन लाइनमैन को उनके पर्सनल विभाग द्वारा डिजिटल पास पीटीओ की जानकारी दी जाएगी।
स्टेशनरी की छपाई पूरी तरह से बंद

रेलवे द्वारा स्टेशनरी की छपाई पूरी तरह बंद कर दी गई है। इसके तहत डायरी कैलेंडर और अन्य कागज के उपयोग की स्टेशनरी और विभागों को नहीं दी जा रही है। रेलवे के अफसरों ने इसमें होने वाले खर्च की जानकारी देने में असमर्थता जताई है।

रेलवे द्वारा अपने कर्मचारियों अधिकारियों को दिए जाने वाले पास पीटीओ के अलावा स्टेशनरी की छपाई लगभग बंद कर दी गई है। सब कुछ डिजिटल हो जाएगा। रेलवे इसकी तैयारी कर रही है। फिलहाल प्रायोगिक तौर पर अफसरों कर्मचारियों को डिजिटल पास पीटीओ जारी किए जा रहे हैं। -संतोष कुमार, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी बिलासपुर जोन