Reforming the Indian railways – On the right track | ORF

कोरोना के बहाने समस्या के निस्तारण में देरी करने वाले रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी अब बच नहीं पाएंगे। शिकायत लेकर आने वालों का समाधान निर्धारित समय पर किया या नहीं, इसका राज वीडियो काॅलिंग से खुलेगा। इसके लिए रेलवे के टेलीफोन एक्सचेंज को अपडेट किया गया है। सभी अधिकारियों व बाबू को वीडियो कालिंग की सुविधा वाले फोन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

कोरोना संक्रमण के बाद रेल प्रशासन अधिकारियों व कर्मियों को संक्रमित होने से बचाने के लिए बाहर से आने वाले कर्मचारी, यात्री या व्यापारी को कार्यालय के अंदर जाने की जरूरत न पड़े, इसके लिए व्यवस्था बनाई जा रही है। आधुनिक संचार माध्यम का सहारा लिया जा रहा है। रेलवे के तकनीकी अधिकारियों ने टेलीफोन एक्सचेंज को अपडेट कर दिया है। जिसमें वीडियो कॉलिंग की सुविधा दी जा रही है। इसमें बातचीत के साथ ही वीडियो कालिंग भी रिकार्ड होगी और स्वत: अधिकारियों के पास पहुंच जाएगी। यह सुविधा टेलीफोन के बजाय इंटरकॉम सिस्टम पर उपलब्ध कराई जाएगी। रेलवे प्रशासन ने ट्रायल के तौर पर डीआरएम कक्ष समेत कुछ अधिकारियों के पास यह सिस्टम लगाया है। एक सिस्टम डीआरएम आफिस के गेट पर लगाया गया है। डीआरएम से मिलने आने वाले व्यक्ति या रेलवे कर्मचारी को गेट पर लगे सिस्टम से वीडियो कालिंग द्वारा बात कराई जा रही है।

सभी को मिलेगी सुविधा यह सुविधा सभी अधिकारियों व आफिस में कार्यरत बाबू को उपलब्ध कराई जाएगी। शिकायत या समस्या लेकर आने वाले व्यक्ति को अब सीधे अधिकारी या कर्मचारी से नहीं मिलवाया जाएगा। गेट से ही वीडियो कालिंग सिस्टम द्वारा संबंधित कर्मचारी या अधिकारी से वार्ता कराई जाएगी। अगर कोई पत्र देना होगा तो गेट पर तैनात कर्मचारी को सौंप दिया जाएगा। कर्मचारी और रेल कर्मचारी के बीच हुई बातचीत संबंधित विभाग के ब्रांच अधिकारी पर रिकाडिंग पहुंच जाएगी। 

वीडियो काॅलिंग सिस्टम सभी अधिकारियों व कर्मचारियों के पास लगाए जाएंगे। जिससे बाहरी व्यक्ति आफिस में आने की जरूरत नहीं होगी। आफिस में काम करने वाले अधिकारी व कर्मचारी कोरोना संक्रमित होने से बच सकेंगे। वीडियो कालिंग से पता चला जाएगा कि किस कर्मचारी ने समस्या निदान के लिए क्या समय दिया है और समय से निपटारा किया गया है या नहीं इसकी जानकारी मिल जाएगी।

तरुण प्रकाश, मंडल रेल प्रबंधक