Rail Bhavan comes under MHA security cover - The Economic Times

रेल लाइनों पर कार्य करने वाले ट्रैकमैन, गेटमैन, प्वाइंटमैन और स्टेशनों पर तैनात खलासी के टीटीई, बुकिंग क्लर्क, स्टेशन मास्टर और लोको पायलट बनने का रास्ता साफ हो गया है। रेलवे बोर्ड ने इनके  25 से 50 रिक्त पदों को सामान्य विभागीय प्रतियोगी परीक्षा (जीडीसीई) से भरने के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिया है। साथ ही इस व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए सभी जोनल कार्यालयों से दस अगस्त तक सुझाव भी मांगा है।

नियम पहले से लागू पर नहीं मिल रहा था लाभ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को उनकी योग्यता के आधार पर पदोन्नति देने के लिए सामान्य विभागीय प्रतियोगी परीक्षा पहले से लागू है। लेकिन कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा था। वर्ष 2018 से यह प्रक्रिया पूरी तरह से बंद है।   हालांकि, पूर्वोत्तर रेलवे में कर्मचारी संगठनों के दबाव में परीक्षा के जरिए रिक्त पदों को भरने के लिए प्रक्रिया शुरू हुई थी।  परीक्षा के बाद कर्मचारियों का मेडिकल परीक्षण हुआ, लेकिन अभी तक अभ्यर्थियों को पदोन्नति नहीं मिल पाई है। परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थी अभी भी रेल लाइनों और कार्यालयों में चतुर्थ श्रेणी के पदों पर कार्य कर रहे हैं। हालांकि, इसको लेकर कर्मचारियों में आक्रोश है। पिछले माह कर्मचारियों ने कार्मिक विभाग के सामने प्रदर्शन कर रेलवे बोर्ड को ज्ञापन भी सौंपा था।

कर्मचारियों ने जाताई खुशी एनई रेलवे मजदूर यूनियन के महामंत्री केएल गुप्त के अनुसार इस मामले को महाप्रबंधक के साथ आयोजित स्थाई वार्ता तंत्र की बैठक और बोर्ड के समक्ष उठाया गया था। रेलवे ने परीक्षा की औपचारिकताएं तो पूरी कर ली थी, लेकिन अभ्यर्थियों को तैनाती नहीं मिल पा रही थी। रेलवे बोर्ड ने इस मामले को फिर से संज्ञान में लिया है।  इससे चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को लाभ होगा। पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के प्रवक्ता एके सिंह के अनुसार रेलवे चतुर्थ श्रेणी में कार्यरत मेधावी रेलकर्मियों को परीक्षा के माध्यम से आगे बढऩे का अवसर प्रदान करता है। रेलवे का यह कदम सराहनीय है। कर्मचारियों को आगे बढऩे का मौका तो मिलेगा ही रिक्त पदों पर तैनाती भी हो जाएगी।