India Plans for New Pension Scheme (NPS) – National Pension System ...

PFRDA ने सेक्शन 80C के तहत नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) टियर-II इनकम टैक्स सेविंग स्कीम के लिए नई गाइडलाइंस जारी की है.

रिटायरमेंट फंड के लिए नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) एक लोकप्रिय योजना है. नेशनल पेंशन सिस्टम में 18 से 60 साल तक की उम्र के लोग निवेश कर सकते हैं. देश के करीब सभी सरकारी और निजी बैंकों में जाकर इस स्कीम के तहत खाता खुलवाया जा सकता है. एनपीएस को लेकर समयम समय पर सरकार नियमों में बदलाव करती है. इस स्कीम के तहत सरकारी और निजी कर्मचारियों के बेनेफिट अलग अलग भी हो सकते हैं.

कौन खोल सकता है खाता

केंद्र सरकार के कर्मचारी
राज्य सरकार के कर्मचारी
निजी क्षेत्र के कर्मचारी
आम नागरिक

न्यू गाइडलाइंस

अब पेशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने सेक्शन 80C के तहत नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) टियर-II इनकम टैक्स सेविंग स्कीम के लिए नई गाइडलाइंस जारी की है. NPS टियर-II स्कीम के तहत सिर्फ केंद्र सरकार के कर्मचारी ही इनकम टैक्स का लाभ हासिल करने के लिए योग्य हैं. यह टियर I NPS स्कीम के तहत मौजूद इनकम टैक्स बेनेफिट के अतिरिक्त है.

NPS टियर II- टैक्स सेवर स्कीम, 2020 अकाउंट

3 साल का लॉक इन पीरियड: इसके लिए सिर्फ केंद्र सरकार के एनपीएस सब्सक्राइबर्स योग्य होंगे. केंद्र सरकार के किसी कर्मचारी का हर साल 1.50 लाख रुपये तक का NPS के टियर-II अकाउंट में किया जाने वाला योगदान 3 साल के लिए लॉक-इन पीरियड में रहेगा. इस 3 साल के लॉक-इन पीरियड में कोई विदड्रॉल नहीं होगा. हालांकि सब्सक्राइबर की मौत की स्थिति में नॉमिनी या लीगल उत्तराधिकारी पैसा निकाल सकता है.

3 अकाउंट: केंद्र सरकार के कर्मचारी जो इस टैक्स का बेनिफिट उठाना चाहते हैं, उनके तीन NPS अकाउंट हो सकते हैं. टियर-I (मैनेडेटरी अकाउंट), टियर-II (आप्शनल और स्वतंत्र रूप से विद्ड्रॉल) और टियर-II अकाउंट जो ऑप्शनल अकाउंट होगा. इसमें सेक्शन 80C के तहत लाभ मिलेगा लेकिन इसमें 3 साल का लॉक-इन पीरियड जरूरी है.

निवेश के लिए च्वॉइस नहीं: यह कंपोजिट स्कीम है, इसमें सब्सक्राइबस के पास निवेश के लिए च्वॉइस नहीं होंगे. इसमें इक्विटी में 10 से 25 फीसदी, डेट सेग्मेंट में 90 फीसदी तक और कैश, मनी मार्केट या लिक्विड फंड में 5 फीसदी निवेश होता है.

प्राइवेट और सरकारी कर्मचारियों को फायदा

NPS Tier 1 अकाउंट में किए गए योगदान पर सेक्शन 80CCD (1B) के तहत 50,000 डिडक्शन (छूट) मिलता है. यह छूट सेक्शन 80CCD (1) के तहत 1.5 लाख रुपये तक के योगदान पर मिलने वाले डिडक्शन के अतिरिक्त है. लेकिन इस बात का ध्यान रखने की जरूरत है कि सेक्शन 80 सी, 80CCC (किसी इंश्योरर की तरफ से दिए पे पेंशन प्लान में निवेश) और सेक्शन 80CCD (1) (NPS) के तहत मिलने वाली छूट की राशि किसी फिस्कल ईयर में 1.5 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए.

कोई NPS सब्सक्राइबर इसी अप्रैल से प्रभावी नए इनकम टैक्स स्लैब या दर का विकल्प अपनाता है तो सेक्शन 80CCD (1B) के तहत मिलने वाला 50 हजार रुपये का डिडक्शन या सेक्शन 80CCD (1) के तहत मिलने वाली 1.5 लाख रुपये की छूट और सेक्शन 80C के तहत मिलने वाली छूट लागू नहीं होगी. अगर आप टैक्स स्लैब नहीं चुनते हैं तो पुराना टैक्स नियम आपके ऊपर लागू रहेगा.

NPS खाता कैसे खोलें

ऑफलाइन प्रक्रिया

NPS खाता ऑफलाइन या मैन्युअल रूप से खोलने के लिए, व्यक्ति को पहले PoP-Point of Presence (यह बैंक भी हो सकता है) खोजना होगा.
अपने नजदीकी PoP से एक सब्सक्राइबर फॉर्म लीजिए और इसे KYC पेपर्स के साथ जमा करें.
एक बार जब आप प्रारंभिक निवेश करते हैं (500 रुपये या 250 रुपये मासिक या 1,000 रुपये से कम नहीं), तो PoP आपको एक PRAN – स्थायी रिटायरमेंट खाता संख्या भेजेगा.
इस संख्या और पासवर्ड की मदद से आप अपने खाते को चला सकते हैं.
इस प्रक्रिया के लिए Rs.125 का एक बार रजिस्ट्रेशन फीस का भुगतान करना होगा.
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ऑनलाइन प्रक्रिया अगर आप अपने खाते को अपने पैन, आधार/ या मोबाइल नंबर से जोड़ते हैं, तो ऑनलाइन खाता खोलना आसान है. आप अपने मोबाइल पर भेजे गए ओटीपी का उपयोग करके रजिस्ट्रेशन को मान्य कर सकते हैं. इसके बाद आपको एक PRAN (स्थायी सेवानिवृत्ति खाता संख्या) मिलेगी जिसकी मदद से आप NPS लॉग इन के लिए कर सकते हैं.