6 Benefits of Running a Paperless Office | Docupace

कोरोना लॉकडाउन के बाद से ट्रेनें पटरी पर नहीं दौड़ रही हैं लेकिन, पश्चिम मध्य रेलवे के ऑफिस डिजीटलाइजेशन ट्रैक पर तेजी से दौडऩे लगे हैं। मंडल से लेकर स्टेशन और यार्ड के कार्यालयों में अब 70-80 फीसदी काम डिजीटलाइजेशन से होने लगा है। इसके साथ रेलटेल द्वारा संचालित एनआइसी इ-ऑफिस प्लेटफॉर्म पर इ- फाइलिंग भी 4 गुना बढ़कर लगभग 25 हजार हो चुकी है। कोरोना के चलते रेलवे के कार्यालयों में मानव भौतिक संपर्कों को कम करने का प्रयास किया गया है। इसके तहत मैनुअल फाइलिंग प्रणाली को छोड़कर पश्चिम मध्य रेलवे ने डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग को आगे बढ़ाया है।

रेल अधिकारियों का मानना है कि इ-ऑफिस की उपलब्धता से फाइल कार्य अब कार्यालयों में बिना कोई बाधा के चल रहा है। कर्मचारी अब अपनी समस्याएं लेकर कार्यालय नहीं आते हैं। इ- ऑफिस में ही आवेदन भेजकर काम करा लेते हैं।
चार गुना बढ़ी इ-फाइलिंग
लॉकडाउन से पहले पश्चिम मध्य रेलवे द्वारा सृजित इ-फाइलों की संख्या 6&6 0 थी। 14 अगस्त तक जबलपुर जोन के अंर्तगत रेलवे कार्यालयों ने इ-ऑफिस प्लेटफॉर्म पर 24449 डिजिटल फाइलें सृजित की हैं। कार्य के सरलीकरण में चार महीने में कुल 1&71 नए उपयोगकर्ता जोड़े गए।

106 ऑफिसों में 5.98 लाख इ-फाइलिंग
वर्तमान में देशभर में भारतीय रेलों की 106 इकाइयों यानी क्षेत्रीय मुख्यालय, डिवीजनों, उत्पादन कारखानों, प्रशिक्षण संस्थानों को मिलाकर 0105959 उपयोगकर्ता 18 96 58 4 इ-प्राप्तियां और 598 091 इ-फाइलें सृजित की जा चुकी हैं।

डिजिटल फाइलिंग का उपयोग तेजी से बढ़ाने पर रेलवे ध्यान दे रही है। पमरेे, पेपरलेस ऑफिस कल्चर को अपनाने के लिए फास्ट ट्रैक पर पहुंचने वाली है। इससे परिचालन लागत बचेगी, बल्कि कार्बन फुट प्रिंट भी कम करेगा। इससे पर्यावरण को बचाया जा सकेगा।
प्रियंका दीक्षित, सीपीआरओ, जबलपुर