There Aren't Enough Ventilators to Cope With the Coronavirus - The ...

रेल कर्मचारियों को बेहकर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए रेलवे प्रशासन ने यूनिक मेडिकल आईडेंटडी कार्ड की सुविधा शुरु कर दी है। इससे रेलवे कर्मचारियों का कही भी इस कार्ड की सहायता से इलाज हो सकता है।

रेलवे अस्पतालों में इलाज की बेहतर सुविधा नहीं होने के कारण अधिकतर रेल कर्मचारी स्वयं व परिजनों को निजी अस्पतालों में रेफर करा ले जाते थे। दूर-दराज या ग्रामीण क्षेत्रों में डयूटी करने वाले रेल कर्मचारी इलाज कराने के लिए रेलवे के अस्पताल जाना पड़ता था। इससे कर्मचारी को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता था। कर्मचारियों की समस्याओं को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने यूनिक मेडिकल आईडेंटिडी कार्ड की सुविधा शुरु की है। इससे रेलवे कर्मचारियों सेवानिवृत्त कर्मियों और उनके परिवार के सदस्यों को अलग-अलग कार्ड बनेगा। यह कार्ड ऑनलाइन बनेगा।

इसमें कर्मचारी व उसके परिवार के सदस्यों का अंगूठे का निशान, फोटो आधार कार्ड, पीपीओ नंबर, आदि लिया जायेगा। इस तरह का कार्ड एक यूनिक आईडी की तरह कार्य करेगा। जिससे रेलवे कर्मचारियेां और उनके परिवार के सदस्यों को रेलवे अस्पताल के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा। उम्मीद कार्ड से इलाज के दौरान आपकों किसी भी प्रकार का कोई भी शुल्क अस्पताल में नही देना होगा। यह कार्ड कैशलेस कार्ड है। इस कार्ड से रेल कर्मी देश के किसी भी चिन्हित अस्पताल में अपना इलाज करा सकते हैं।

सीएमआई अंबुज मिश्रा ने बताया कि स्थानीय रेलवे स्टेशन पर कार्यरत सभी रेल कर्मियों के उम्मीद कार्ड बन चुके हंै। इस सुविधा का लाभ सभी कर्मचारियों को मिलेगा।