Don't lose your shirt, says Karnataka government - India News

नई दिल्ली. संसद के निचले सदन यानी लोकसभा कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। अब सरकार ने इन कर्मचारियों को पहली बार ड्रेस भत्ता देने का फैसला किया है। बताया जा रहा है कि इस भत्ते के तहत महिला कर्मचारियों को 17 हजार रुपए तक, वहीं, पुरुष कर्मचारियों को 16 हजार रुपए तक ड्रेस भत्ता दिया जाएगा।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, लोकसभा के कर्मचारियों को अब यूनिफॉर्म के लिए भत्ता दिया जाएगा। पहले दो साल में एक बार कपड़े के कट पीस दिए जाते थे। इनके पास चार से पांच दिल्ली के दर्जी होते थे, जहां इन्हें सिला जाता था। लेकिन पहली बार कर्मचाकरियों को ड्रेस भत्ते देने का फैसला किया गया है।

ये कर्मचारी होंगे योग्य
रिपोर्ट के मुताबिक, सांसद सचिवालय की टेबल ऑफिस, सिक्योरिटी समेत 5 ब्रांचों के कर्मचारियों को यह भत्ता दिया जाएगा। ये ब्रांचें सांसदों और अन्य आने वाले लोगों से जुड़े कामों को देखती हैं। नाम ना छापने की शर्त पर सचिवालय के अधिकारी ने बताया, ये ब्रांचें संसदीय सचिवालय का चेहरा होती हैं, ऐसे में सभी के पास निर्धारित यूनिफॉर्म हो, जो भारतीय संसद की गरिमा को ग्लैमर से जोड़ती है।

जब चाहें तब खरीद सकते हैं ड्रेस
अधिकारी ने बताया, अब दो साल के बजाय कर्मचारी जब चाहेगा वह यूनिफॉर्म खरीद सकता है। वे कपड़े खरीदने के लिए स्वतंत्र हैं, बस निर्धारित पैटर्न का पालन करते हों। वहीं, महिला कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड में एक पैटर्न की साड़ी है। वहीं, पुरुषों के लिए सफारी सूट की एक श्रेणी है, इसमें नीला, चारकोल रंग, प्रशियन नीला या फॉन शामिल है। सर्दियों में पुरुष और महिलाएं दोनों ब्लेजर और बटन वाले कोट पहनते हैं।

किसे कितना मिलेगा भत्ता?
लोकसभा में टेबल ऑफिस सदन की पूरी कागजी कार्रवाई, रिपोर्टिंग ब्रांच सदन और और संसदीय समितियों के अंदर होने वाली सभी चर्चाओं के नोट लेती है। वहीं, चैंबर अटेंडेंट स्पीकर के कक्ष में ड्यूटी पर तैनात रहते हैं। इसके अलावा वीआईपी मेहमानों की देखभाल भी करते हैं। ड्राइवर सांसदों को उनके आवास तक ले जाते हैं।

अब चैंबर अटेंडेंट्स को सलाना 8 हजार और ड्राइवरों को ड्रेस भत्ते के तौर 9 हजार रुपए मिलेंगे। वहीं, संसद की सुरक्षा में लगी महिला अफसरों को 17 हजार और पुरुष समकक्षों को 16 हजार रुपए दिए जाएंगे।