Piyush Goyal, On Economy, Says Math Didn't Help Einstein Discover ...

रेल कर्मचारियों को मिले आवासों को किराए पर लगाने के मामले को रेलमंत्री पीयूष गोयल ने काफी गंभीरता से लिया है। उनके डैश बोर्ड आइटम में यह मसला शामिल है। इसके मद्देनजर उन्होंने कर्मचारियों की लिस्ट तैयार कर कार्रवाई का दायित्व डीआरएम को दिया है। बावजूद इसे महीनों से लटकाकर रखा गया। बाद में दो बार रिमाइंडर भी जारी हुआ। तब भी अफसर हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। अब रेलवे बोर्ड का दबाव बढ़ते ही गुरुवार को पूर्व मध्य रेल मुख्यालय ने पत्र भेजकर ऐसे कर्मचारियों से जुड़ी विस्तृत लिस्ट तत्काल उपलब्ध कराने को कहा है। 20 हजार से ज्यादा रेल कर्मचारियों वाले धनबाद रेल मंडल में 10 हजार से अधिक रेलवे क्वार्टर हैं। अकेले धनबाद शहर में ही तकरीबन साढ़े तीन हजार रेल आवास हैं। इनमें दर्जनों किराए पर लगाये गए आवास के साथ साथ बड़े पैमाने पर कब्जा भी है। बावजूद इस मामले में रेल अधिकारी कुछ भी कहने से परहेज कर रहे हैं।

क्या है मुख्यालय के पत्र में छ- ईसीआर मुख्यालय के पत्र में लिखा है कि डीजी (एचआर) रेलवे बोर्ड की ओर से जारी पत्र के अनुपालन में वैसे रेल कर्मचारी जिन्होंने अपने आवास को अवैध तरीके से किराए या लीज पर दे रखा है। उनके विरूद्ध की गई विभागीय कार्रवाई का ब्यौरा की मांग की गई है। कार्रवाई का ब्यौरा मुख्यालय ने तलब किया है।

–कब जारी हुआ आदेश व कब कब आया रिमाइंडर–

– इसी साल आठ जनवरी को रेलवे बोर्ड ने पत्र जारी किया था। – 17 फरवरी तक कार्रवाई की रिपोर्ट तलब की गई थी।

– 27 जुलाई को रेलवे बोर्ड ने इस मामले में रिमाइंडर भेजा था।

– इस महीने 14 अगस्त को भी रेलवे बोर्ड ने दोबारा रिमाइंडर भेजा।

– अब गुरुवार को पूर्व मध्य रेल ने अति आवश्यक के नोट के साथ पत्र भेजा है।