Indian Railway: If there is any problem in rail travel, then ...

रेलवे में पदस्थ एक कर्मचारी सेवानिवृत्ति की तारीख निकलने के बाद भी अपनी सेवाएं देता रहा। बाबू स्तर पर हुई इस गड़बड़ी का जुलाई में खुलासा होने पर अधिकारियों ने कर्मचारी को आनन-फानन में सेवानिवृत्त कर दिया। हालांकि यह मामला रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच चुका है। अब जिम्मेदार अपना पल्ला झाड़कर पूरे प्रकरण को दबाने में लग हुए हैं।

रेलवे सूत्रों ने बताया कि पश्चिमी रेलवे कॉलोनी के आईओडब्ल्यू ऑफिस में कल्याण सिंह हेल्पर के पद पर पदस्थ थे। सेवा पुस्तिका के अनुसार उन्हें जनवरी-2020 में सेवानिवृत्त होना था, लेकिन बाबू से लेकर अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। वह लगातार रेलवे में अपनी सेवाएं देते रहे। पिछले महीने एक अधिकारी ने इस गलती को देख लिया। उन्होंने गुपचुप तरीके से जुलाई में कर्मचारी को सेवानिवृत्त कर दिया।

इस दौरान कर्मचारी सेवानिवृत्ति की तरीख निकलने के बाद भी लगातार सात माह तक वेतन और अन्य सुविधाओं का लाभ लेता रहा, लेकिन जैसे ही अधिकारियों की जानकारी में यह मामला आया उन्होंने पूछताछ की। रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि इस पूरे मामले में आईओडब्ल्यू सहित उस बाबू की गलती है जो वेतन बनाता है। इस पूरे प्रकरण में जिस स्तर पर चूक हुई है उसे रेलवे चार्जशीट दे रहा है। उसे ही इसका जबाव देना पड़ेगा। इसके अलावा सेवानिवृत्ति की तारीख निकलने के बाद भी कर्मचारी ने जितने महीने का वेतन लिया है उसकी रिकवरी की जाएगी।

यह मामला निबट गया है यह पुराना मामला है, इसका हल निकाल लिया गया है। जिस कर्मचारी से गलती हुई है उसे चार्जशीट दे दी गई है। कर्मचारी ने लगातार सात माह काम किया है उसे काम के बदले में वेतन मिलना चाहिए। रिकवरी होगी या नहीं यह अधिकारी तय करेंगे।

– अशोक ठाकुर, आईओडब्ल्यू, बीना