Indian Railways Getting Swankier and Smarter: Tour My India

अगर आपने भी ऐसी खबर सुनी है कि रेलवे कर्मचारियों (Railway Employees) की संख्या में 50 फीसदी कटौती करने की तैयारी में है तो ये खबर झूठ है. PibFactCheck ने ट्विटर पर जानकारी दी है कि रेलवे ने ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया है बल्कि प्रौद्योगिकी क्षेत्र में हो रहे बदलावों के कारण रेलवे बोर्ड उनकी  रिपोज़िशनिंग कर रहा है.

PIB ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि कई ख़बरों में दावा किया जा रहा है कि भारतीय रेल ने पदों में कटौती करने का निर्णय लिया है. लेकिन रेलवे ने ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया है बल्कि प्रौद्योगिकी क्षेत्र में हो रहे बदलावों के कारण द्वारा इन्हें रिपोज़िशन किया जा रहा है.

भारतीय रेलवे ने सफलतापूर्वक सहायक लोको पायलट (एएलपी) और तकनीशियनों की भर्ती पूरी कर ली है, जो दुनिया में इस तरह के सबसे बड़े अभ्यासों में से एक है. अभूतपूर्व 47.45 लाख उम्मीदवारों ने एएलपी और तकनीशियनों के 64,000 से अधिक पदों के लिए पंजीकरण किया. पैनल ने 64,371 रिक्तियों (27,795 एएलपी और 64,371 तकनीशियनों) में से 56,378 उम्मीदवारों (26,968 एएलपी और 28,410 तकनीशियनों) के लिए मंजूरी दी है. 40,420 उम्मीदवारों को जारी किए गए नियुक्ति पत्र इसमें 22,223 एएलपी और 18,197 तकनीशियन शामिल हैं.

इससे पहले भारतीय रेलवे की इस खबर का बताया गया था सच– मीडिया रिपोर्ट्स में ऐसा कहा गया कि रेलवे ने 30 सितंबर तक ट्रेनों के संचालन (Special Trains) पर रोक लगा दी है. लेकिन, रेल मंत्रालय (Ministry of Railways) ने स्पष्ट किया है कि 30 सितंबर तक ट्रेनों पर रोक के लिए कोई भी सर्कुलर जारी नहीं किया था.