Underperformers identified, Modi Cabinet set to have a new look ...

कैबिनेट ने पहली बार देश में एक नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी सेटअप करने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी है. नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी एक ऑटोनोमस सोसाइटी की तरह काम करेगी. इसमें शुरुआत में तीन रिक्रूटमेंट एजेंसी – रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड (RRB), बैंकों की IBPS और SSB को मर्ज किया जाएगा. अभी सेंट्रल गवर्नमेंट की 20 रिक्रूटमेंट एजेंसियां हैं. अब एक Preliminary Common Eligibility Test (CET) होगा. यह टेस्ट ऑनलाइन होगा. 

छात्रों को अलग-अलग एग्जाम नहीं देना होगा. अभी हर साल ये तीन रिक्रूटमेंट एजेंसियां जो एग्जाम कंडक्ट करती हैं उसमें 2.5 से 3 करोड़ छात्र भाग लेते हैं. कॉमन इलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) का स्कोर तीन साल तक मान्य होगा. प्रिलिमनरी सीईटी का क्युरिकुलम स्टैंडराइज्ड होगा. 

करोड़ों युवाओं के लिए वरदान साबित होगी नैशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में नैशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी के गठन को मंजूरी दे दी गई, जो कॉमन एजिलिबिलिटी टेस्ट कराएगी। बाद में पीएम ने प्रस्तावित एजेंसी की तारीफ में ट्वीट करते हुए लिखा, ‘नैशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी करोड़ों युवाओं के लिए वरदान साबित होगी। कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट के जरिए यह तमाम टेस्ट को खत्म करेगी और कीमती समय के साथ-साथ संसाधनों की भी बचत करेगी। यह पारदर्शिता को भी बढ़ावा देगी।’

इस पर अगले तीन साल में 1517 करोड़ खर्च होने का अनुमान है. हर जिले में एक एग्जाम सेंटर अनिवार्य होगा जिससे स्टूडेंट को ज़िले के बाहर यात्रा न करना पड़े. कोशिश है कि इसे 12 भाषाओं में कराया जाए. छात्रों को एक ही बार रजिस्टर करना होगी, एक ही बार एग्जाम फीस देनी होगी.  हर साल भारत सरकार में 1.25 लाख वैकेंसी निकलती हैं.

क्या है नैशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी?
इस साल के केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नॉन-गजटेड पोस्ट्स के लिए कॉमन टेस्ट कराने के लिए नैशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी के गठन का ऐलान किया था। केंद्रीय नौकरियों में भर्ती के लिए अलग-अलग एजेंसियां और भर्ती बोर्ड अलग-अलग परीक्षाएं कराती रही हैं। नैशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी सभी नॉन-गजटेड पोस्ट के लिए टेस्ट कराएगी, जिसे कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट कहा जाएगा। फिलहाल रेलवे भर्ती बोर्ड, स्टाफ सिलेक्शन कमिशन और आईबीपीएस (इंस्टिट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनेल सिलेक्शन) की परीक्षाओं को नैशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी के तहत लाया जाएगा। अभी केंद्रीय नौकरियों में भर्ती के लिए 20 से ज्यादा रिक्रूटमेंट एजेंसियां टेस्ट कराती हैं। आगे चलकर इन सभी एजेंसियों को भी नैशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी के तहत लाया जाएगा।

सिर्फ रेलवे, बैंकिंग और एसएससी के लिए हर साल 3 करोड़ तक आते हैं आवेदन
नैशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी की भूमिका के बारे में डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनेल ऐंड ट्रेनिंग (DoPT) के सचिव सी. चन्द्रमौली ने बताया कि हर साल रेलवे, बैंक और एसएसएसी के तहत ग्रुप बी और ग्रुप सी की नौकरियों के लिए 2.5 करोड़ से 3 करोड़ तक आवेदन आते हैं।