Railway Ministry Plans To Invite Private Players In Market; 500 ...

रेल कर्मचारियों के पास अपने सुझाव से रेलवे की कार्य प्रणाली को निखारने का अच्छा अवसर है। यदि उन्हें लगता है कि उनके पास कोई ऐसा विचार है जिस पर अमल करके कार्य प्रणाली में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है तो उसे वह शीर्ष अधिकारियों तक पहुंचा सकते हैं। संभव है कि उनकी राय एक नजीर बन जाए। रेलवे मंत्री पीयूष गोयल भी चाहते हैं कि जमीन पर काम करने वाले कर्मचारियों के अमूल्य विचार से कामकाज को बेहतर किया जाए और इस दिशा में काम भी शुरू हो गया है।

कोरोना महामारी के बीच रेलवे कामकाज में सुधार के लिए बना रहा प्लान  

कोरोना महामारी के बीच रेलवे अपने कामकाज में सुधार के लिए कई कदम उठा रहा है। मिशन रफ्तार के तहत ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने की कवायद चल रही है। वहीं, नियमित ट्रेनों की आवाजाही बंद होने से हो रहे नुकसान की भरपाई और राजस्व बढ़ाने के भी नए रास्ते तलाशे जा रहे हैं। इस काम में कर्मचारियों को भी सहभागी बनाया जा रहा है। पिछले महीने रेलवे कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों के साथ संगोष्ठी में शामिल होने के बाद रेल मंत्री ने अधिकारियों को आम कर्मचारियों से उत्पादकता बढ़ाने के लिए सुझाव लेने की सलाह दी थी।

दूर होगी वास्तविक खामियां

उसके बाद रेलवे बोर्ड ने पिछले सप्ताह सभी जोनल रेलवे को मंडल स्तर पर और उत्पादन इकाइयों में काम करने वाले कर्मचारियों से सुझाव हासिल करने का निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि अपनी ड्यूटी के दौरान कर्मचारी वास्तविक स्थिति का सामना करता है। वह खामियों को दूर करने और उत्पादकता बढ़ाने का व्यवहारिक सलाह दे सकता है। इसे ध्यान में रखकर यह कदम उठाया गया है।

रुकेगी फिजूलखर्ची मुख्य रूप से कर्मचारी परिचालनिक क्षमता बढ़ाने, फिजूलखर्ची रोकने और आमदनी बढ़ाने को लेकर उपाय बता सकते हैं। इसके अतिरिक्त भी किसी क्षेत्र में उन्हें कोई सुधार करने की जरूरत लगती है तो इस बारे में भी सुझाव दे सकते हैं। उनसे सुझाव हासिल करने के लिए मंडल स्तर पर वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी (सीनियर डीपीओ) को नोडल अधिकारी बनाया गया है। इसी तरह से जोनल स्तर पर प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारी (पीसीपीओ) इस काम को देखेंगे।

20 अगस्त तक भेज सकते हैं कर्मचारी कर्मचारी 20 अगस्त तक अपने सुझाव सीनियर डीपीओ या डीपीओ को ईमेल से या कागज पर लिखकर दे सकते हैं। मंडल स्तर पर आने वाले प्रमुख सुझावों को 25 अगस्त तक जोनल रेलवे को और वहां से 30 अगस्त को रेलवे बोर्ड को भेजने की तारीख निर्धारित की गई है। बोर्ड ने प्रत्येक जोनल रेलवे को इसे गंभीरता पूर्वक करने को कहा गया है जिससे कि बेहतर परिणाम सामने आ सके।