Comed-K entrance exam postponed | Deccan Herald

बहुविकल्प वाले ऑबजेक्टिव टाइप प्रश्नों के उत्तर देकर तृतीय श्रेणी के रेलकर्मी अधिकारी बन पाएंगे। रेलवे बोर्ड ने सोमवार को इस संबंध में आदेश पारित किया है। अब एकाउंट्स को छोड़ बाकी सभी विभाग में प्रमोशन की परीक्षा में सिर्फ ऑब्जेक्टिव टाइप प्रश्न ही पूछे जाएंगे।

अभी तक जोनरल रेलवे के संबंधित विभाग के प्रिंसिपल चीफ प्रमोशन की परीक्षा के प्रश्न सेट करते थे। लेकिन सोमवार को जारी रेलवे बोर्ड के आदेश के अनुसार अब जीएम दूसरे जोनल रेलवे के जीएम से संपर्क स्थापित कर दूसरे जोन या प्रोडक्शन यूनिट के संबंधित विभाग के प्रिंसिपल चीफ से प्रश्नपत्र तैयार करा सकते हैं।

रेलवे : नहीं हो रही पदोन्नति, कर्मियों ने किया प्रदर्शन

पूर्वोत्तर रेलवे में पदोन्नति के लिए आयोजित जनरल डिपार्टमेंटल कंपटेटिव एग्जामिनेशन (जीडीसीई) में भाग ले चुके अभ्यर्थियों ने सोमवार को प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों ने रेलवे प्रशासन पर पदोन्नति के नाम पर हीलाहवाली करने का आरोप लगाया। कहा कि परीक्षा के दो वर्ष बाद भी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति नहीं हुई है। अभ्यर्थियों ने प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर यथाशीघ्र पदोन्नति की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी।

सोमवार को 20 से ज्यादा अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया। कहा कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए स्टेशन मास्टर, गार्ड और टीटीई आदि के पदों पर पदोन्नति के लिए 2018 में ही विभागीय परीक्षा हुई थी। दो वर्ष से अधिक हो गए लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ जबकि कई ग्रुप की पदोन्नति कर दी गई है। परीक्षा पास करने के बाद भी अभ्यर्थी रेल लाइनों और दफ्तरों में चतुर्थ श्रेणी के पदों पर कार्य करने को मजबूर हैं। इसको लेकर कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है।
यदि रेलवे प्रशासन ने जल्द पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू नहीं की तो अभ्यर्थी मुख्यालय गोरखपुर के अलावा लखनऊ, वाराणसी और इज्जतनगर मंडल कार्यालयों पर भी प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। प्रदर्शन करने वालों में नवीन, विमलेश, सतीश रजनीकांत, अजीत, विशाल, देवानंद, रवि, विवेक, सौरव, विकास , प्रदीप, प्रहलाद, सुनील आदि शामिल रहे।