What is National Pension Scheme (NPS)? Advantages, Tax Benefits & More

स्वतंत्रता दिवस पर शनिवार को राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा की ओर एनपीएस से आजादी के लिए ट्विटर अभियान चलाया गया। जिसमें देशभर से लाखों एनपीएस कार्मिकों ने अभियान के माध्‍यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत तक अपनी आवाज पहुंचाई। ट्विटर ट्रेंड्स में भी कुछ समय तक यह प्रथम स्‍थान पर रहा। 

  मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीपी सिंह रावत के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान में कार्मिकों ने बढ़चढ़कर भाग लिया। बीपी सिंह रावत ने बताया कि एक ओर सांसद, विधायक एक दिन का कार्यकाल में भी पुरानी पेंशन के हकदार हो जाते हैं, वहीं, दूसरी तरफ 30 से 35वर्ष देश सेवा में समर्पित सरकारी कर्मचारी को बाजार आधारित सिस्टम एनपीएस पर रखा जाता है, जिसका विरोध किया जा रहा है। उन्‍होंने कहा कि सासंद और विधायकों को भी एनपीएस दिया जाना चाहिए। एनपीएस पूरी तरह शेयर बाजार आधारित सिस्टम है, जिसे कार्मिकों के लिए बुढ़ापे का सहारा कहना गलत होगा। कहा कि कोरोना संकट खत्‍म होने के बाद देशभर में एनपीएस से आजादी के लिए बड़ा आंदोलन होगा।

ट्विटर अभियान में उत्तराखंड से अनिल बडोनी, सीताराम पोखरियाल, मिलिंद बिष्ट, शोरभ नौटियाल, दिल्ली विश्वविद्यालय से डॉ. अनिल स्वदेशी, रेलवे से आलोक चंद प्रकाश, उत्तर प्रदेश से प्रदीप सरल, क्रांति सिंह छत्तीसगढ़ से संजय शर्मा, वीरेंद्र दुबे, बसंत चतुर्वेदी, जितेंद्र शर्मा, तेलंगाना से संपत कुमारा स्वामी, डॉ. निर्मला, डॉ. पुरुषोत्तम, पंजाब से जसबीर सिंह तलवाड़ा, सरदार जरनैल सिंह पट्टी, गुजरात से डॉ. पंकज प्रजापति, हिमाचल से एलडी चौहान, प्रवीण शर्मा, राजेंद्र स्वदेशी, अशोक राजपूत, मध्य प्रदेश से जगदीश यादव, सियाराम पटेल, प्रीता पटेल, जम्मू कश्मीर से गुल जुबेर डेंग, प्रशांत शर्मा, हरियाणा से पवन सागर आदि शामिल हुए।