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रेलवे की विभागीय परीक्षा के लिए एक बड़ा फैसला किया गया है। इन विभागीय परीक्षाओं में अब सभी प्रश्न ऑब्जेक्टिव होंगे। रेल प्रशासन ने तय किया है कि इस परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों से अब दीर्घ उत्तर वाले सवाल नहीं पूछे जाएंगे। बता दें कि रेलवे में कर्मचारियों को इन परीक्षाओं के जरिए ही अधिकारी बनने का मौका मिलता है। ऐसे में बड़ी संख्या में कर्मचारी इन परीक्षाओं में शामिल होतेहैं।

बता दें कि रेलवे अपने कर्मियों को अधिकारी बनने का मौका देता है। अधिकारियों के रिक्त पद के सापेक्ष 25 प्रतिशत पद पर कर्मिंयों को पदोन्नत करने की व्यवस्था है। इसके लिए विभागीय परीक्षा होती है। वरिष्ठ कर्मचारी या सुपरवाइजर स्तर के कर्मचारी अधिकारी बनने के लिए विभागीय परीक्षा में भाग ले सकते हैं। इन विभागीय परीक्षा में इतना मौका मिलता है कि मुख्य वाणिज्य निरीक्षक या यातायात निरीक्षक विभागीय परीक्षा में पास होकर सहायक वाणिज्य प्रबंधक या सहायक परिचालन प्रबंधक बने सकते हैं और समय-समय पर प्रमोशन पाकर ब्रांच अधिकारी से लेकर एडीआरएम और फिर डीआरएम तक बन सकते हैं।

अब रेल प्रशासन ने अधिकारी बनने की विभागीय परीक्षा के नियम में बड़ा बदलाव किया है। रेलवे बोर्ड की डिप्टी डायरेक्टर मीनाक्षी सलूजा ने पत्र जारी कर बताया कि कर्मचारी से अधिकारी बनने की इन विभागीय परीक्षा को और पारदर्शी बनाने की लिए पहल की जा रही है। इसके तहत परीक्षा के नियम में कुछ महत्वपूर्ण परिवर्तन करने का फैसला किया गया है। इसके तहत अब से इन परीक्षाओं में सभी प्रश्न ऑब्जेक्टिव होंगे। परीक्षा में शामिल होने वाली कर्मियों को केवल सही जवाब पर टिक लगाना होगा। उनसे अब दीर्घ उत्तर वाले सवाल नहीं पूछे जाएंगे। सभी प्रश्न ऑब्जेक्टिव होने से कॉपी जांचने वाले भी नंबर कम या अधिक नहीं कर पाएंगे। प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने के लिए प्रश्नपत्र भी दूसरे जोन के अधिकारी ही तैयार करेंगे। रेल प्रशासन ने ये व्यवस्था तत्काल लागू करने के आदेश भी जारी कर दिए हैं।