Railway employees get e-pass facility, can book tickets online ...

कोरोना काल में रेलवे यात्रियों के लिए कई सुरक्षा संबंधी योजनाएं लागू की है। रेलवे के कर्मचारी घर बैठे ई-पास और प्रिविलेज टिकट ऑर्डर (पीटीओ) प्राप्त कर सकेंगे। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन (सीआरबी) विनोद कुमार यादव ने रेलवे कर्मचारियों के लिये ऑनलाइन पास जेनरेशन और टिकट बुकिंग के लिए ई-पास मॉड्यूल लॉन्च किया है। इससे न केवल रेलवे के सेवारत कर्मचारियों और अधिकारियों को, बल्कि इसके लाखों सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी सुविधा होगी।

कर्मचारियों के लिए पास जारी करने की प्रक्रिया अभी तक मैनुअल ही जाती रही है। इसके अलावा रेलवे कर्मचारी के लिए पास पर ऑनलाइन टिकट बुक करने की कोई सुविधा भी नहीं थी। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम (क्रिस) संगठन द्वारा विकसित इस मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (एचआरएमएस) का ई-पास मॉड्यूल लॉन्च किया।

पहले कर्मचारियों को रेल पास की सुविधा के लिए विभाग के चक्कर काटने पड़ते थे। कागजी प्रक्रिया के दौरान रेल पास सुविधा का दुरुपयोग होने का अंदेशा भी बना रहता था, लेकिन अब पूरा डाटा ऑनलाइन अपडेट रहेगा। सिस्टम ई-पास से जुड़ी तमाम जानकारी चंद सेकेंड में ही अधिकारियों व कर्मचारियों को दे देगा। यह सुविधा मिलने के बाद कर्मचारियों को पास लेकर टिकट काउंटर पर जाने और यात्रा के दौरान इसे संभालकर रखने की जरूरत नहीं होगी। अब सिर्फ मोबाइल पर आए कोड को सहेज कर रखना होगा। यही कोड सीट रिजर्व कराते समय फॉर्म में भरना होगा।

इससे पहले रेल कर्मचारियों को रिजर्वेशन के लिए कार्मिक विभाग के पास सेक्शन से जारी पेपर वाले पास के सहारे पेपर टिकट लेना पड़ता था। लेकिन ई-पास की सुविधा लागू होने से पूरी व्यवस्था पेपरलेस हो गई है।

अब इस तरह मिलेगा ई-पास, आवेदन की पूरी प्रक्रिया मोबाइल पर होगी उपलब्ध

ईआर-पास मॉड्यूल को एचआरएमएस परियोजना के तहत सीआरआईएस द्वारा विकसित किया गया है। इसे चरणबद्ध तरीके से भारतीय रेलवे से जोड़ा जाएगा। इस सुविधा के साथ रेलवे कर्मचारी को न तो पास के लिए आवेदन करने के लिए कार्यालय आना पड़ेगा और न ही पास जारी होने का इंतजार करना पड़ेगा। कर्मचारी कहीं से भी ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे और ई-पास ऑनलाइन प्राप्त कर सकेंगे। ई-पास के लिए आवेदन और इसे प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया मोबाइल पर उपलब्‍ध रहेगी।

इसके माध्‍यम से पहले की तरह पीआरएस/यूटीएस काउंटर से टिकट बुकिंग की सुविधा के अलावा, पास पर टिकट बुक करने की सुविधा आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर भी उपलब्‍ध होगी। यह सुविधा रेलवे कर्मचारियों को उन्‍हें रेल पास का आसानी से उपयोग करने में मदद करेगी और साथ ही साथ सभी अधिकारियों को पास जारी करने का काम भी सुगम बनाएगी।

एचआरएमएस परियोजना भारतीय रेलवे की पूर्ण मानव संसाधन प्रक्रिया के डिजिटलीकरण की एक व्यापक योजना है। एचआरएमएस में कुल 21 मॉड्यूल की योजना बनाई गई है। लगभग 97 प्रतिशत रेलवे कर्मचारियों की बेसिक डेटा एंट्री एचआरएमएस के कर्मचारी मास्टर और ई-सर्विस रिकॉर्ड मॉड्यूल में पूरी हो चुकी है, जिसे पिछले साल लॉन्च किया गया था।

सफर करने पर देना होगा एक तिहाई किराया राजपत्रित अधिकारियों को एक साल में छह और सेवानिवृत्त होने पर तीन रेल पास मिलते हैं। इस पास के जरिए वह एवं उनके आश्रित मुफ्त रेल सफर करते हैं। गैर राजपत्रित कर्मचारियों को साल में तीन व सेवानिवृत्त होने पर दो पास दिए जाते हैं। रेल कर्मियों को चार पीटीओ यानि प्रिविलेज टिकट ऑर्डर भी मिलता है। पीटीओ से सफर करने के लिए उन्हें एक तिहाई किराया देना पड़ता है।