Sliding Doors - London Underground Photography Photography - Tube ...

(अनन्या सेनगुप्ता) नयी दिल्ली, 12 अगस्त (भाषा) निजी रेलगाड़ियों के लिए एक मसौदा विनिर्देश के अनुसार इन रेलगाड़ियों में इलेक्ट्रॉनिक स्लाइडिंग दरवाजे, सुरक्षा कांच के साथ खिड़कियां, आपातकालीन टॉक-बैक तंत्र, यात्री निगरानी प्रणाली और सूचना एवं गंतव्य बोर्ड होने चाहिए। ये कुछ ऐसी विशेषताएं हैं जो रेलवे ने निजी ऑपरेटरों से इन रेलगाड़ियों के लिए मांग की है। इस मसौदे को रेलवे ने बुधवार को साझा किया। इसमें कहा गया है कि ये रेलगाड़ियां यात्रियों को शोर-मुक्त यात्रा प्रदान करेंगी और 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने में सक्षम होंगी। इसमें कहा गया है, ‘‘ट्रेन को ऐसे डिजाइन किया

अपने रेलवे नेटवर्क पर निजी ट्रेनें चलाने के लिए रेलवे ने निजी कंपनियों के सामने विश्वस्तरीय मानकों की शर्तें रखी हैं। नए जमाने की इन यात्री रेलगाड़ि‍यों में इलेक्ट्रॉनिक स्लाइडिंग डोर, खिड़कियों में सुरक्षित दोहरे कांच, यात्रियों की निगरानी प्रणाली, सूचनाएं व गंतव्य के बारे में जानकारी देने की प्रणाली देने की शर्ते रखी हैं। इसके अलावा टॉक बैक सुविधा भी जरूरी है, इसके जरिए आपात स्थिति में यात्री टॉक बैक बटन दबाकर संबंधित रेल कर्मचारी से त्वरित मदद मांग सकेंगे।

निजी ट्रेनों के लिए प्रस्तावित मसौदे में रेलवे ने निजी कंपनियों के सामने जो शर्ते रखीं हैं, उसमें सबसे प्रमुख रेलवे नेटवर्क पर उनकी गति प्रति घंटा 160 किलोमीटर है। ट्रेन को इस तरह से डिजाइन करना होगा कि वह परीक्षण के दौरान सुरक्षित तरीके से 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने में सक्षम हों। निजी ट्रेनें इस बात में भी सक्षम होनी चाहिए कि वह समतल ट्रैक पर 140 सेकंड में 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार को ब्रेक देते ही शून्य किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर ले आएं। इन ट्रेनों में एक इमरजेंसी ब्रेक होगा जो 160 किलोमीटर की रफ्तार से चल रही ट्रेन को 1250 मीटर से भी कम की दूरी में स्थिर खड़ा कर दे। रेलवे ने कहा कि ये निजी ट्रेन कम से कम 35 साल चलना चाहिए। ।

यात्रा को पूरी तरह से शोरगुल मुक्त रखना होगा: इसके हर कोच के दोनों ओर दो-दो स्वचालित इलेक्ट्रि‍क दरवाजे होने चाहिए। जब ट्रेन के सभी दरवाजे बंद हो जाएं और पूरी तरह से लॉक भी हो जाएं, उसके बाद ही ट्रेन चलना चाहिए। इसके अलावा ट्रेनों में आपात स्थिति से निपटने के लिए आपात बटनों के साथ ही टॉक बैक फोन सुविधा होगी जो सभी दरवाजों के पास होगी।

इन बातचीत की वाइस रिकार्डिग होगी और इसकी जीपीएस स्टैंपिंग की जाएगी। यात्रियों की सूचना प्रणाली स्वत: घोषणा की सुविधा से लैस होगी और ट्रेन में डिस्प्ले के जरिए हिंदी, अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषाओं में पूरी यात्रा के दौरान गंतव्य की जानकारी मिलेगी। साथ ही निजी ट्रेनों की यात्रा को पूरी तरह से शोरगुल से मुक्त रखने को कहा गया है। सफर के दौरान ट्रेन के चलने की खटर-पटर नहीं सुनाई देगी।

बॉम्बार्डियर, एल्सटोम समेत 23 कंपनियों ने दिखाई रुचि: रेलवे की निजी ट्रेनों की निविदा पर बॉम्बार्डियर, एल्सटोम, सीमंस और जीएमआर समेत 23 कंपनियों ने रुचि दिखाई है। बुधवार को आवेदन से पहले की बैठक को रेलवे ने निजी ट्रेनों के संचालन में पहला कदम ठहराया है। रेलवे के अनुसार संचालित निजी ट्रेनों के 12 समूहों की बैठक में शामिल होने वाली अन्य कंपनियों में बीईएमएल, आईआरसीटीसी, भेल, सीएएफ, मेधा ग्रुप, स्टरलाइट, भारत फोर्ज, जेकेबी इंफ्रास्ट्रक्चर और टीटागढ़ वैगन्स लिमिटेड भी शामिल हुईं। रेलवे ने 109 रूटों पर 151 आधुनिक निजी ट्रेनों के संचालन के लिए निजी कंपनियों से आवेदन मांगे हैं। यह निजी ट्रेनें मौजूदा निजी ट्रेनों के नेटवर्क के अलावा होंगी।