Railway employees get e-pass facility, can book tickets online ...

फील्ड ड्यूटी करने वाले रेल कर्मचारियों (Railway Employees) को अब सिर्फ पास या पीटीओ (Pass & PTO) निकलवाने के लिए अपने मुख्यालय या पास सेक्शन का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। इसी तरह रिटायर्ड कर्मचारियों को भी पास निकलवाने के लिए अब अपने पूर्व कार्यालय में हाजिरी नहीं बजानी होगी। रेलवे बोर्ड ने एक ई-पास मॉड्यूल विकसित किया है, जिससे उन्हें घर बैठे ही यह सुविधा मिलेगी।

हाइलाइट्स

  • अब रेलवे के कर्मचारी कहीं से भी अपने सुविधा पास (Pass) और सुविधा टिकट आदेश (PTO) के लिए आवेदन कर सकेंगे
  • रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनोद कुमार यादव ने ऑनलाइन पास जेनरेशन और रेलवे कर्मचारियों द्वारा टिकट बुकिंग के लिए ई-पास मॉड्यूल जारी कर दिया हैइससे रेलवे के सेवारत कर्मचारी और अधिकारी ही नहीं बल्कि इसके लाखों रिटायर्ड कर्मचारियों को भी आसानी होगी
  • इससे रेलवे के सेवारत कर्मचारी और अधिकारी ही नहीं बल्कि इसके लाखों रिटायर्ड कर्मचारियों को भी आसानी होगी

अब रेलवे के कर्मचारी कहीं से भी अपने सुविधा पास (Pass) और सुविधा टिकट आदेश (PTO) के लिए आवेदन कर सकेंगे। रेल कर्मचारियों को यह सुविधा मिले, इसके लिए रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनोद कुमार यादव ने ऑनलाइन पास जेनरेशन और रेलवे कर्मचारियों द्वारा टिकट बुकिंग के लिए ई-पास मॉड्यूल जारी कर दिया है। इससे रेलवे के सेवारत कर्मचारी और अधिकारी ही नहीं बल्कि इसके लाखों रिटायर्ड कर्मचारियों को भी आसानी होगी।

क्रिस ने इसे विकसित किया है
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ने संगठन सेंटर फोर रेलवे इंर्फोमेशन सिस्टम (CRIS) द्वारा विकसित इस मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (HRMS) का ई-पास मॉड्यूल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लॉन्च किया। इस दौरान रेलवे बोर्ड के वित्त सदस्य समेत सभी सदस्य, आईआरसीटीसी के प्रबंध निेदशक, क्रिस के प्रबंध निदेशक और सभी जोन के महाप्रबंधक भी शामिल थे। उनके अलावा कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इसमें हिस्सा लिया।

इस दौरान रेल मंत्रालय में मानव संसाधन विभाग के महाप्रबंधक ने ई-पास मॉड्यूल और इसके चरणबद्ध कार्यान्वयन की रणनीति के विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी दी। अभी तक रेलवे में पास और पीटीओ जारी करने की प्रक्रिया काफी हद तक मैनुअल है। साथ ही रेलवे कर्मचारी अपने पास या पीटीओ के जरिये ऑनलाइन टिकट बुक भी नहीं कर सकते। इसके लिए उन्हें कहीं न कहीं पीआरएस या बुकिंग काउंटर पर जाना पड़ता है।

रेलवे के अधिकारी का कहना है कि रेलवे के ई पास- मॉड्यूल को एचआरएमएस परियोजना के तहत सीआरआईएस द्वारा विकसित किया गया है और इसे चरणबद्ध तरीके से भारतीय रेलवे से जोड़ा जाएगा। इस सुविधा के साथ रेलवे कर्मचारी को न तो पास के लिए आवेदन करने के लिए आफिस आने की बाध्यता होगी और न ही पास जारी होने का इंतजार करना होगा। वह कहीं से भी ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे और ई-पास ऑनलाइन प्राप्त कर सकेंगे।

आईआरसीटीसी के वेबसाइट से भी करा सकेंगे रिजर्वेशन रेलवे के मुताबिक ई-पास के आवेदन से लेकर पास जारी होने तक की पूरी प्रक्रिया नई पीढ़ी के अप्लिकेशन पर विकसित की गई है। इसलिए पासधारी इस पर किसी रिजर्वेशन खिड़की या बुकिंग खिड़की पीआरएस / यूटीएस काउंटर से काउंटर बुकिंग की सुविधा के अलावा, आईआरसीटीसी साइट पर भी आनलाइन रिजर्वेशन करा सकेंगे।

एचआरएमएस परियोजना में 21 मॉड्यूल एचआरएमएस परियोजना भारतीय रेलवे की मानव संसाधन प्रक्रिया के पूर्ण डिजिटलीकरण की एक व्यापक योजना है। HRMS में कुल 21 मॉड्यूल की योजना बनाई गई है। इसमें लगभग 97 फीसदी रेल कर्मचारियों की बेसिक डेटा एंट्री और उसके ई-सर्विस रिकॉर्ड को इसमें फीड किया जा चुका है। उल्लेखनीय है कि एचआरएमएस परियोजना को पिछले साल ही लॉन्च किया गया था।