Govt approves restructuring of Railway Board, unification of services

रेल मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि उपनगरीय रेल समेत नियमित ट्रेन सवाएं अगले नोटिस तक दोबारा शुरू नहीं की जाएंगी। रेलवे ने इसके लिए कोविड-19 के चलते परिवहन व्यवस्था पर लगाए गए प्रतिबंधों का हवाला दिया। मंत्रालय ने नोटिफिकेशन में यह भी कहा कि चयनित गंतव्य स्थलों के बीच वर्तमान में चल रही 230 स्पेशल ट्रेनों के परिचालन में कोई बदलाव नहीं होगा, जिसमें आवश्यक कार्यों में लगे लोगों के लिए मुंबई में चल रही लोकल ट्रेनें भी शामिल हैं।

रेल मंत्रालय ने आगे बताया कि स्पेशल ट्रेनों की नियमित आधार पर निगरानी की जा रही है और अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें आवश्यकता के आधार पर चलाई जा सकती हैं। बयान जारी करते हुए अधिकारी ने बताया, हालांकि लॉकडाउन से पहले चलने वाली अन्य नियमित और उप-नगरीय ट्रेनें अभी कुछ समय के लिए बंद रहेंगी।

केन्द्र सरकार की तरफ से 25 मार्च को देशव्यापी किए गए लॉकडाउन के बाद ट्रेनों के नियमित परिचालन पर रोक लगा दी गई थी। बाद में मंत्रालय ने मजदूरों को उनकी घर वापसी के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेन योजना चलाई थी। इसके बाद देश में चयनित गंतव्य स्थानों के बीच सीमित प्रीमियम ट्रेन सेवाएं शुरू की गई।

इससे पहले, रेलवे बोर्ड ने सोमवार (10 अगस्त) को स्पष्ट किया कि ट्रेनों को फिर से शुरू करने या स्थगित करने से संबंधित कोई भी नया सर्कुलर जारी नहीं किया गया है। इसके साथ ही बोर्ड ने साफ तौर पर कहा कि अगले आदेश तक रेल सेवाएं निलंबित रहेंगी। दरअसल, सोशल मीडिया पर एक नोटिस वायरल हो रहा है, जिसमें कहा गया है कि कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर सभी मेल/एक्सप्रेस, पैसेंजर और उप-नगरीय ट्रेन सेवाएं 30 सितंबर तक स्थगित रहेंगी।

10 अगस्त की अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि भले ही ट्रेनों के रद्द होने को बढ़ा दिया गया हो, लेकिन स्पेशल मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें जारी कार्यक्रम के अनुसार चलती रहेंगी। इस बारे में रेल मंत्रालय ने भी ट्वीट करके स्पष्टीकरण दिया है। रेल मंत्रालय ने लिखा, “मीडिया के कुछ हिस्सों में यह खबर चल रही है कि रेलवे ने 30 सितंबर तक सभी नियमित ट्रेनों को रद्द कर दिया है। यह सही नहीं है। रेल मंत्रालय द्वारा कोई नया सर्कुलर जारी नहीं किया गया है। स्पेशल मेल एक्सप्रेस ट्रेनें चलती रहेंगी।”