Mumbai local trains: QR code e-passes mandatory from today

रेलवे बोर्ड की ओर से ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जा रहा है। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनोद कुमार यादव सोमवार की दोपहर 3.40 बजे एचआर मैनेजमेंट सिस्टम को लांच करेंगे। इस सिस्टम के लागू होते ही रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों को ई-पास व ई-पीटीओ का लाभ मिलेगा। ई-पास और ई-पीटीओ के जरिए रेल कर्मचारी आईआरसीटीसी की ओर से जारी ऑनलाइन रिजर्वेशन सिस्टम से घर बैठे अपने मोबाइल से टिकट बुक करा सकेंगे।

अभी रेल कर्मचारियों को रिजर्वेशन कराने के लिए कार्मिक विभाग के पास सेक्शन से जारी पेपर वाले पास के सहारे पेपर टिकट लेना पड़ता है। इसके लिए कर्मचारियों के साथ-साथ रिजर्वेशन के बुकिंग क्लर्क/सुपरवाइजर को भी माथापच्ची करनी पड़ती है। लेकिन ई-पास और ई-पीटीओ लागू होने से पूरी व्यवस्था पेपरलेस हो जाएगी। रेल अधिकारी और कर्मचारी आमलोगों की तरह घर बैठे रेल टिकट का आरक्षण करा सकेंगे। आराम से मोबाइल पर आनेवाले मैसेज के सहारे वे भी ट्रेनों पर यात्रा कर पाएंगे। पास सेक्शन में होने वाले कार्य सरल हो जाएंगे। साथ ही इससे पारदर्शिता भी आएगी। सेंटर फॉर रेलवे इन्फारमेंशन सिस्टम (क्रिस) ने ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम को डिजाइन किया है।

अब नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर पे चक्कर
कर्मचारियों को रेल पास की सुविधा के लिए विभाग के चक्कर काटने पड़ते थे। कभी मान-मुनव्वल भी करना पड़ता था। कागजी प्रक्रिया के दौरान रेल पास सुविधा का दुरुपयोग होने का अंदेशा भी बना रहता था, लेकिन अब पूरा डाटा ऑनलाइन अपडेट रहेगा। सिस्टम ई-पास से जुड़ी तमाम जानकारी चंद सेकेंड में ही अधिकारियों व कर्मचारियों को दे देगा। यह सुविधा मिलने के बाद कर्मचारियों को पास लेकर टिकट काउंटर पर जाने और यात्रा के दौरान इसे संभालकर रखने की जरूरत नहीं होगी। अब सिर्फ मोबाइल पर आए कोड को सहेज कर रखना होगा। यही कोड सीट रिजर्व कराते समय फार्म में भरना होगा।


सॉफ्टवेयर में किया बदलाव
इस कार्य के लिए वाणिज्य विभाग के सॉफ्टवेयर में जरूरी बदलाव किया है। इसके साथ ही आरक्षण प्रणाली के सॉफ्टवेयर में भी बदलाव किया गया है, इससे कर्मचारियों को टिकट काउंटर पर किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।
पर्यावरण सुरक्षित व फर्जीवाड़ा पर लगेगी लगाम
उत्तर रेलवे कर्मचारी यूनियन पदाधिकारी यादराम उपाध्याय ने बताया कि रेलवे का यह कदम सराहनीय है। इससे लंबी कागजी कार्रवाई से राहत मिलेगी और यह पर्यावरण के अनुकूल होगा। इससे फर्जीवाड़ा भी रुकेगा, क्योंकि कई स्थानों पर दूसरे के पास लेकर सफर करने के मामले भी सामने आ चुके हैं।
यह मिलती है सुविधा
राजपत्रित अधिकारियों को 1 साल में 6 और सेवानिवृत्त होने पर 3 रेल पास मिलते हैं। इस पास के जरिए वह एवं उनके आश्रित मुफ्त रेल सफर करते हैं। गैर राजपत्रित कर्मचारियों को साल में 3 व सेवानिवृत्त होने पर 2 पास दिए जाते हैं। रेल कर्मियों को चार पीटीओ यानि प्रिविलेज टिकट ऑर्डर भी मिलता है। पीटीओ से सफर करने के लिए उन्हें एक तिहाई किराया देना पड़ता है।

धनबाद के 23 हजार रेलकर्मियों को होगा फायदा

धनबाद रेल मंडल में कार्यरत करीब 23 हजार अधिकारी और कर्मचारी को ई-पास और ई-पीटीओ लागू होने से सहूलियत होगी। पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करने वाले रेलकर्मियों को साल में मुफ्त यात्रा करने के लिए तीन सेट सुविधा पास मिलता है। पद के आधार पर लाल, हरा और मैटल पास का निर्धारण किया गया है। इसके अलावा रेलवे में ड्यूटी पास की भी व्यवस्था है। वहीं रेलकर्मियों को सालाना चार पीटीओ भी मिलता है। पीटीओ से रेलकर्मी एक तिहाई किराए पर रेलवे में यात्रा कर पाते हैं। वहीं पांच साल से कम सेवाकाल वाले कर्मी को एक सुविधा पास और चार पीटीओ की सुविधा दी गई है। ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम के लिए मंडल स्तर पर कई महीनों से तैयारियां चल रही थीं।