Indian Railway Forum - 1 - Railway Enquiry

रेलवे में यात्री सुविधाओं पर ध्यान देकर रेलवे ने तमाम सुधार किए हैं और यात्रियों को सुगम यात्रा करने के लिए काफी काम भी किया है, लेकिन जो यात्रा यात्रियों को सुरक्षित रूप से कराते हैं उन्हें आज भी पुराने ढर्रे से ही काम करना पड़ रहा है। जिसके कारण उन्हें काफी परेशानी भी होती है, लेकिन उनके इस दर्द को न तो रेलवे के अधिकारी न ही सरकार समझ रही है।

गौरतलब है कि ट्रेनों को रेलवे गार्ड सुरक्षित तरीके से लाने ले जाने का काम करते हैं। इसके लिए वह ट्रेन के पीछे लगे ब्रेकयान में बैठकर ड्यूटी करते हैं, जिसमें सुविधाओं के नाम पर केवल एक लोहे की कुर्सी रहती है, लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या वह रनिंग स्टाफ में होने के कारण सुविधाओं का हक नहीं रखते हैं। जबकि उन्हें ड्यूटी के दौरान ट्रेन चलाने के लिए सुरक्षा की जिम्मेदारी उनके कंधों पर रहती है।


सबसे बुरी स्थिति गुड्स गार्ड की
यदि हम ब्रेकयान की बात करें तो सबसे बुरी स्थिति मालगाड़ी में ड्यूटी करने वाले गार्ड की है। जिन्हें पूरे लोहे के बने ब्रेकयान में बैठकर ड्यूटी करनी पड़ती है, जहां पर न तो उनके लिए उजाले के लिए प्रकाश की व्यवस्था रहती है न ही टॉयलेट की। बारिश में जब जंगल में मालगाड़ी खड़ी हो जाती है तो जहरीले कीड़ों आदि का डर भी रहता है, लेकिन उन्हें आज तक रेलवे की ओर से सुविधाजनक ब्रेकयान नहीं दिया गया है, जिससे वह परेशान रहते हैं।