Railways Turns to AI Remote Monitoring System to Prevent Signal ...

रेल मंडल में सिग्नल एंड टेलिकॉम विभाग के अधिकारी ने रात्रि कर्मचारियों को रात्रि भत्ता के भुगतान पर रोक लगाने का आदेश दे दिया है। उन्होंने डिपो प्रभारियों को मौखिक आदेश जारी किया है, जिससे लाईन कर्मचारियों में आक्रोश भड़क गया है। कर्मचारियों ने बताया कि अधिकारी के निर्देश के बाद सिग्नल विभाग के कर्मचारियों का पिछले महीने रात्रि भत्ते का भुगतान नहीं हुआ। इस महीने डिपो प्रभारियों ने रात्रि भत्ते का बिल भी लेने से भी इन्कार कर दिया है।

मामले की खबर मिलते ही ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन (ईसीआरकेयू) ने विरोध शुरू कर दिया। धनबाद से जोनल मुख्यालय हाजीपुर तक यूनियन नेताओं ने वर्चुअल मीटिंग कर आदेश वापस लेने की बात कही। कहा कि यदि रेल कर्मचारियों से रात्रि ड्यूटी लिया जाएगा तो रेल नियमों और सातवें वेतन आयोग के दिशा निर्देशों के अनुसार रात्रि भत्ते का भुगतान किया जाना चाहिए। यह अलग तथ्य है कि रेलवे बोर्ड ने खर्च कटौती पर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पर ऐसा नहीं कहा है कि काम भी कराओ और मेहनताना भी नहीं दो।

रेलवे कर्मचारी यूनियन कहा कि यदि कोई कर्मचारी रात्रि ड्यूटी से मना करे तो उसे दंडित किये जाने की बात कही गयी है, जिसका तीव्र विरोध होगा। कहा कि रोक को अविलंब वापस नहीं लिया गया तो रेलकर्मी पूरे मंडल में सामुहिक रूप में रात्रि ड्यूटी करना बंद कर देंगे। डीके पांडेय, कोषाध्यक्ष सह धनबाद मंडल को-ओर्डिनेटर जियाउद्दीन, ओमप्रकाश, वीडी सिंह, पीके मिश्रा, ओपी शर्मा, टीके साहू, एके दा, एनके खवास, पीके सिंह, एसके प्रसाद, केके सिंह, एनजे सुभाष, एके दास, तपन विश्वास, विश्वजीत मुखर्जी सहित सभी शाखा सचिव शामिल थे।

रात्रि पाली की ड्यूटी को शून्य करने का लक्ष्य : इस मामले में सिग्नल एंड टेलिकॉम विभाग के अधिकारियों ने बैठक कर रात्रि पाली के भत्ते समेत अन्य विभिन्न मसलों पर चर्चा की। विभाग के मुखिया ने सभी अधिकारियों से कहा कि रात्रि पाली की ड्यूटी को शून्य करने का लक्ष्य पूर्व मध्य रेल मुख्यालय ने दिया है। इसे हर हाल में पूरा करना है। कहा कि ट्रेनों का परिचालन काफी कम हो रहा है। इस वजह से सिर्फ जरूरी काम वाले कर्मचारी ही नाईट ड्यूटी करेंगे।