Indian Railways to run 200 more trains from June 1, bookings on ...
  • रेलवे में विभागीय प्रतियोगी परीक्षा से भरे जाएंगे 25 से 50 फीसदी पद
  • रेलवे बोर्ड ने सभी जोन से 10 अगस्त तक मांगा सुझाव

रेलवे लाइनों पर कार्य करने वाले ट्रैकमैन, गेटमैन, प्वाइंटमैन और स्टेशनों पर तैनात खलासी भी अब टीटीई, बुकिंग क्लर्क, स्टेशन मास्टर और लोको पायलट बन सकेंगे। विभागीय प्रतियोगी परीक्षा कराने के रेलवे बोर्ड के निर्णय से इसका रास्ता साफ हो गया है।


रेलवे बोर्ड ने 25 से 50 फीसदी रिक्त पदों को सामान्य विभागीय प्रतियोगी परीक्षा से भरने के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। साथ ही सभी जोनल कार्यालयों से दस अगस्त तक सुझाव मांगा है। रेलवे में विभागीय प्रतियोगी परीक्षा से पदोन्नति वर्ष 2018 से बंद है। पूर्वोत्तर रेलवे में कर्मचारी संगठनों के दबाव में परीक्षा के जरिए रिक्त पदों को भरने के लिए प्रक्रिया शुरू हुई थी।


परीक्षा के बाद कर्मचारियों का मेडिकल परीक्षण हुआ, लेकिन अभी तक अभ्यर्थियों को पदोन्नति नहीं मिल सकी है। परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थी अभी भी रेल लाइनों और कार्यालयों में चतुर्थ श्रेणी के पदों पर कार्य कर रहे हैं। एनई रेलवे मजदूर यूनियन के महामंत्री केएल गुप्त ने बताया कि इस मामले को महाप्रबंधक के साथ आयोजित स्थाई वार्ता तंत्र की बैठक और बोर्ड के समक्ष उठाया गया था। रेलवे बोर्ड ने इस मामले का संज्ञान लिया है।इससे चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को लाभ होगा। वहीं पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के प्रवक्ता एके सिंह व महामंत्री विनोद राय ने कहा कि रेलवे बोर्ड का यह कदम सराहनीय है। चतुर्थ श्रेणी में कार्यरत मेधावी रेलकर्मियों को परीक्षा के माध्यम से आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।