Captain' will lead every train on Indian Railways

रेलवे एक तरफ तो कैडर मर्जर की कवायद कर रहा है जिससे अलग अलग ट्रेड तो एक किया जायेगा और कर्मचारियों का कैडर बड़ा हो जाएगा लेकिन दूसरी तरफ पोस्ट सरेंडर करने के आदेश निकाल रहा है इससे कर्मचारियों में कैडर मर्जर से प्रमोशन को लेकर जो उत्साह बना था वो अब संशय में बदलता जा रहा है। कर्मचरियों को लगने लगा है कि कहीं कैडर मर्जर से उनके भविष्य पे तलवार न लटक जाए।

कैडर मर्जर को लेकर पहले ही कर्मचारी दो फाड़ हो चुके हैं, कुछ को लगता है कि कैडर मर्जर से फायदा होगा और कुछ को लगता है कि इससे नुक्सान। रेलवे में कैडर मर्जर को लेकर जब भी बात चली है तो बवाल के साथ साथ कोर्ट केस भी हुए हैं जिससे मामले अधर में लटके हैं। इसलिए बड़े पैमाने पर कैडर मर्जर सम्भव हो पायेगा यह देखना दिलचस्प होगा।

वहीँ दूसरी तरफ रेलवे अब अपने अनेक विभागों के कर्मचारियों को मल्टी स्किल बनाने का तरीका अपनाने जा रहा है। ताकि किसी भी कर्मचारी से कहीं भी काम लिया जा सके। इसके लिए विभागवार खाका तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

रेलवे ऐसे कर्मियों को ट्रेनिंग देगा और फिर कैडर विलय का फायदा पहुंचाते हुए कर्मचारियों को विभागीय परीक्षा में बैठने का मौका भी देगा। इससे रेलवे में जहां कर्मचारियों की संख्या की कमी है उसे भी दूर किया जाएगा। रेलवे में कैडर मर्ज करने की तैयारी तेज हो गई है। पूरे भारतीय रेल के कुल 30 कैडरों को एक दूसरे के साथ मर्ज किया जाएगा। अफसरों का मानना है कि मल्टी स्किल प्रशिक्षण देने के बाद फिर कोई कर्मचारी अपने मूल पदस्थापना विभाग से रेलवे के अन्य किसी शाखा में काम करने से मना नहीं कर सकेगा।

रेलवे सूत्रों के अनुसार रेलवे बोर्ड ने अफसरों की एक कमेटी गठित की है, जो कि रेलकर्मियों को बहुकौशल बनाकर उन्हें रेलवे के किसी भी विभाग चाहे इंजीनियरिंग, ऑपरेटिंग हो या फिर लेखा शाखा या कामर्शिलय विभाग। मर्ज किया जा सकेगा। सूत्रों का कहना है कि कुल मिलाकर रेलवे के अनेक कैडर के कर्मचारियों को समायोजित करने का प्लान उच्चस्तर पर चल रहा है। इसी उद्देश्य से रेलवे बोर्ड ने कोरोना काल में 8 मई को अफसरों की एक कमेटी को यह जिम्मेदारी सौंपी है। उसी के तहत सभी रेलवे जोन को परिपत्र भेजा गया है। इसी के तहत रेल डिवीजन में विभागवार कर्मचारियों को सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया चल रही है। लेकिन डिवीजन के आला अफसर खुलकर कुछ नहीं बोल रहे हैं।

इन विभागों के कर्मचारी पहले होंगे मर्ज

रेलवे सूत्रों के अनुसार अभी मुख्य रूप से इंजीनिरिंग विभाग में ट्रैकमैन कारपेंटर, मिस्त्री और ऑपरेटिंग विभाग में गेटमैन, लेखा शाखा और कमर्शियल विभाग के टिकट निरीक्षक, रिजर्वेशन बुकिंग क्लर्क, पूछताछ काउंटर क्लर्क के साथ ही ट्रैफिक, कमर्शियल इंस्पेक्टर और स्टॉफ एंड वेलफेयर इंस्पेक्टरों को मर्ज किया जाना है। इसी तरह स्टेशन मास्टर और सिग्नल विभाग के सीनियर सेक्शन क्लर्क को मर्ज कर दिया जाएगा।

फेडरेशन कर रहा है विश्लेषण : ओपी शर्मा

रेलवे के विभिन्न विभागों के महत्वपूर्ण पदों को मर्ज करने का जो प्रस्ताव आया है। उसका फेडरेशन विश्लेषण कर रहा है और प्रारंभिक अवस्था में यह बात सामने आ रही है कि इस मर्जर से रेलकर्मियों को कोई लाभ नहीं मिलने वाला है। मात्र एक-दो पदों के कुछ रेलकर्मियों को राहत मिल सकती है। परन्तु इसके लागू होने से बड़ी संख्या में पदों को सरेंडर तो कर ही दिया जाएगा और दूसरी तरफ मल्टी स्किलिंग के नाम पर कार्यरत कर्मचारियों पर काम का बोझ बढ़ जाएगा। इस दोहरी मार से बचाने के लिए ही ऑल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन इस प्रस्ताव का विरोध कर रही है।

-ओपी शर्मा जोनल सेक्रेटरी