Promotional Marketing Strategies to Boost Sales

समिति बनाकर एक महीने में होगा निर्णय, 30 कैडरों का होगा विलय

रेलवे में कैडर मर्ज होने के साथ जिन कर्मचारियों के प्रमोशन के रास्ते बंद थे अब वो खुल जाएंगे। ग्रुप डी की परीक्षा देकर ट्रैक पर रेलवे क्रासिंग गेट पर काम करने वाले ट्रैकमैन अब स्टेशन मास्टर से लेकर टीटीई तक बन सकेंगे। रेलवे ऐसे कर्मियों को ट्रेनिंग देगा और फिर कैडर विलय का फायदा पहुंचाते हुए कर्मचारियों को विभागीय परीक्षा में बैठने का मौका भी देगा।

इससे रेलवे में जहां कर्मचारियों की संख्या की कमी है उसे भी दूर किया जाएगा। रेलवे में कैडर मर्ज करने की तैयारी तेज हो गयी है। पूरे भारतीय रेल के कुल 30 कैडरों को एक दूसरे के साथ मर्ज किए जाएगा। रेलवे बोर्ड ने इसे लेकर एक समिति भी बना दी है। रेलवे ने रेल कर्मियों से इस पर उनकी राय और सहमति मांगी है।

दरअसल, रेलवे के पास कुछ स्थानों और सेक्शन में जरूरत से ज्यादा स्टाफ मौजूद है लेकिन इनको कहीं और इस्तेमाल नहीं किया जा पा रहा है। कैडर विलय के बाद इलेक्ट्रीशियन, कारपेंटर, टेलीकॉम मैन्टेनर को इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल और एसएंडटी स्टाफ में इस्तेमाल कर सकेंगे। इसी प्रकार चौकीदार कार्मिक को स्टोर्स और कार्मिक विभाग एवं गेटमैन, ट्रैकमैन व पॉइंट्समैन को ऑपरेटिंग व इंजीनियरिंग विभाग में इस्तेमाल किया जाएगा।

आरपीएफ सिपाहियों को कमर्शियल विभाग में मर्ज कर स्टेशन पर टिकट चेक करने के लिए लगाया जा सकेगा। आईपीएस ने भी सराहा कदम ट्रैकमैन से आईपीएस बने प्रह्लाद मीना ने भी रेलवे के कैडर विलय की सराहना की है। उन्होंने ट्वीट कर जानकारी दी कि ट्रैकमैन सर्दी-गर्मी, तूफान-बारिश में काम करते हैं। ऐसे में इनको भी प्रमोशन के सामान अवसर मिलने चाहिए। रेलवे में ट्रैकमैन से लेकर खलासी पदों पर पढ़े लिखे लोग आ रहे हैं। ऐसे में कर्मचारियों को आगे बढ़ने का भी मौका मिलना जरूरी है।