50 वर्ष आयु वाले सरकारी सेवकों के जबरन सेवानिवृत्ति की साजिश का विरोध

बिहार अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ, बिहार अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ-गोप गुट एवं सचिवालय सेवा संघ के निर्णय के आलोक में बुधवार को जिले के अराजपत्रित कर्मियों ने जिला मुख्यालय में रैली निकालकर समाहरणालय के मुख्य द्वार के समक्ष आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया। पचास वर्ष उम्र के बाद सरकारी सेवकों का जबरन सेवानिवृति संबंधी राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी पत्र को तुगलकी फरमान करार देते हुए इसके विरोध में अराजपत्रित कर्मचारियों ने रोषपूर्ण प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन सभा की अध्यक्षता अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के जिला इकाई के अध्यक्ष आनंद मोहन चौधरी ने किया। उक्त महासंघ के जिला मंत्री गणपति झा ने राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी उक्त पत्र को तुगलकी फरमान करार देते हुए कहा कि इस फरमान का विरोध पूरे राज्य में हो रहा है। बिहार चिकित्सा एवं जनस्वास्थ कर्मचारी संघ के पूर्व राज्य अध्यक्ष विजय कुमार यादव ने भी उक्त फरमान को कर्मचारियों के लिए खतरा करार देते हुए इसके विरोध में एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया। महासंघ के सहायक जिला मंत्री रमण प्रसाद सिंह ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार सरकारी कर्मचारियों का शोषण एवं दोहन करने में तुली हुई है। सरकारी उपक्रमों एवं संस्थानों को निजीकरण की साजिश भी सरकार द्वारा रची जा रही है।

प्रदर्शन सभा को चिकित्सा संघ के जिला मंत्री प्रीति नारायण दास, अनुसचिवीय कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष दुखी राम, चतुर्थवर्गीय कर्मचारी संघ के जिला मंत्री श्याम नारायण सिंह, पंचायत सेवक संघ के जिलाध्यक्ष श्याम सुंदर पासवान, शारदानंद झा, राम सेवक चौधरी, महेन्द्र साह, कुशेश्वर पासवान, प्रफुल्ल कुमार सिंह, सुदिष्ट नारायण झा आदि ने भी संबोधित किया। प्रदर्शन सभा में समाहरणालय के विभिन्न संवर्ग के कर्मचारी, चिकित्सा संघ के कर्मचारी, पीएचईडी, पीडब्ल्यूडी के कर्मचारियों ने भी भाग लिया।