National Pension Scheme (NPS) changes financially untenable ...

रिटायर होने वाले केंद्रीय कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है. Covid 19 mahamari के कारण अगर उनकी पेंशन नहीं बन पाती तो उन्‍हें Provisional Pension मिलने लगेगी.

रिटायर होने वाले केंद्रीय कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है. Covid 19 mahamari के कारण अगर उनकी पेंशन नहीं बन पाती तो उन्‍हें Provisional Pension मिलने लगेगी. केंद्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने इसका ऐलान किया है. उनके मुताबिक महामारी के दौरान कर्मचारियों को नियमित पेंशन भुगतान आदेश (PPO) जारी होने और पेपर वर्क पूरा होने तक प्रोविजनल पेंशन मिलेगी. बता दें कि केंद्र सरकार के 1 करोड़ से ज्‍यादा कर्मचारियों और पेंशनरों को 7वें वेतन आयोग (7th pay commission) के तहत पेमेंट होता है.

एजी ऑफिस ब्रदरहुड के पूर्व अध्‍यक्ष हरिशंकर तिवारी के मुताबिक प्रोविजनल पेंशन का नियम नया नहीं है. किसी सरकारी कर्मचारी के रिटायरमेंट पर उसे प्रोविजिनल पेंशन शुरू हो जाता है. पेंशन की रकम उसकी Last drawn salary पर निर्भर करती है. Actual Pension और Provisional pension की रकम में खास अंतर नहीं होता.

महामारी और Lockdown के दौरान सरकारी कर्मचारियों को मुख्य दफ्तर में पेंशन फार्म जमा करने में दिक्‍कत हो सकती है या वे ‘सर्विस बुक’ के साथ दावा फार्म संबंधित वेतन और लेखा (पे एंड एकाएंट) कार्यालय में जमा करवा पाने की स्थिति में न हों. खासकर दोनों कार्यालय अगर अलग-अलग शहरों में हैं, तो यह समस्या और बढ़ जाती है. 

कार्मिक, जन शिकायत और पेंशन मामलों के मंत्री सिंह के मुताबिक यह केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के लिए जरूरी है जो एक शहर से दूसरे शहर लगातार आते-जाते हैं. इनके हेड ऑफिस, सैलरी और अकाउंट दफ्तर दूसरे शहरों में होते हैं. 

मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग में काफी बदलाव किए गए हैं. उसे ऐसे तैयार किया गया है जिससे वह संबंधित कर्मचारी को बिना किसी देरी के रिटायरमेंट के दिन से ही PPO दे सके. हालांकि कोविड-19 महामारी और लॉकडाउन के कारण दफ्तर का काम ठीक ढंग से नहीं चल पा रहा है. इस दौरान रिटायर होने वाले कुछ कर्मचारियों को PPO नहीं जारी किया जा सका.