Money is not just what it appears to be. A guide to utilise it the ...

कोरोना संकट के बीच मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने सरकारी कर्मचारियों को एक राहतभरी खुशखबरी दी है। मुख्यमंत्री शिवराज ने प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों से एक अपील की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि प्रदेश के सरकारी कर्मचारी वेतनवृद्धि को लेकर आप सब के मन में जो संशय है उसको लेकर जरा भी चिंतित न हों। सरकारी अमले की वेतनवृद्धि नियत समय पर ही की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यह जनता के हित में तय हुआ है कि वास्तविक स्थितियां सामान्य होने के बाद आपको बढ़ा हुआ वेतन दिया जाएगा।

वहीं, अपने पहले ट्वीट पर उन्होंने कहा कि मेरे प्रिय अधिकारी और कर्मचारी साथियों, इस समय देश और प्रदेश कोरोना संक्रमण के चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है। हमारे प्रदेश के बजट का बड़ा हिस्सा स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च हो रहा है। दूसरी ओर आर्थिक गतिविधियों में कमी आने के कारण राज्य की आय में भी कमी आई है।

लॉकडाउन के चलते राज्य की आर्थिक गतिविधियों पर पड़ा असर 

बता दें कि पिछले साल आर्थिक मंदी के कारण राजस्व आय के तय लक्ष्य पूरे नहीं हो सके। इस वजह से विभागों के बजट में कटौती करनी पड़ी थी। वर्ष 2020-21 की शुरुआत में ही कोरोना संकट आ गया। इसके कारण पूरे प्रदेश में लॉकडाउन लगाना पड़ा, जिसका सीधा असर राज्य की आर्थिक गतिविधियों पर पड़ा। 

सातवें वेतनमान के अंतिम किश्त का भुगतान भी मई में रोक दिया गया

केंद्र और राज्य के करों से होने वाली आय में करीब 26 हजार करोड़ रुपये की कमी आई। खनिज, आबकारी, पेट्रोल-डीजल से होने वाली सुरक्षित आय भी घट गई। इसका असर प्रदेश के बजट पर भी पड़ा। विभागों के बजट में 15 से 20 प्रतिशत तक की कटौती कर दी गई। कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 12 से बढ़ाकर 17 फीसद करने का जो आदेश जारी किया गया था, उसे स्थगित कर दिया गया। साथ ही मई में दी जाने वाली सातवें वेतनमान की अंतिम किश्त का भुगतान भी रोक दिया गया था।