Sexual Harassment Permeates the Culture. Now What?

कार्य के दौरान किसी भी पुरुष के द्वारा महिला कर्मचारी से अश्लील टिप्पणी करना व उन्हें यौन शौषण न हो इसके लिए शासन स्तर पर विशाखा कमेटी (महिला अधिकार सुरक्षा समिति) का गठन तो किया है। लेकिन कमेटी के आदेश को तोड़ मरोड़ कर अधिकारी अपना हित साधने में लगे हुए है। ऐसा ही दो मामलो में अधिकारी गोल-मोल जबाव देने में लगे हुए है।

पेंड्रारोड में पदस्थ एक महिला कर्मचारी अपने साथ कम करने वाले साथी द्वारा यौन उत्पीड़न के मामले में काफी परेशान है। महिला की परेशानी का अंजादा 2013 को उसने शिकायत की थी लेकिन अब तक केवल जांच में ही मामला अटका हुआ है। परेशान महिला साथी कर्मचारी की हरकत से परेशान होकर लॉक डाउन की अवधि में कार्यस्थल से बिलासपुर तक स्कूटी में ही शिकायत लेकर पहुंची महिला अधिकार सुरक्षा समिति अध्यक्ष से शिकायत की, लेकिन उसे एक बार फिर आश्वासन ही मिला है। महिला कर्मचारी का कहना है कि 2013 से सिर्फ आश्वासन पर आश्वासन ही मिल रहा है। यह स्थिति तब है जब पीड़ित महिला की शिकायत पर संबंधित कर्मचारी का तबादला बैकुंठपुर हो गया लेकिन कर्मचारी ने वहा ज्वाइन ही नहीं किया व अपनी रसूख का फायदा उठाते अनूपपुर व पेंड्रारोड के आस-पास ही कार्यकर रहा अब संबंधित कर्मचारी अपना तबादला पेंड्रारोड करने में लगा हुआ है, जहां पीड़िता पदस्थ है।

पीड़िता का कहना है कि उसे न्याय मिलने का इंतजार 7 साल से है। महिला उत्पीडऩ संबंधी एक ऐसा ही एक मामला रेलवे में वर्ष 2016 में हुआ था। जब महिला कर्मचारी ने अपने अधिकारी यार्ड मास्टर के खिलाफ महिला अधिकार सुरक्षा समिति में शिकायत की थी। जांच में यार्ड मास्टर को कमेटी ने दोषी पाया था व कमेटी ने दोषी यार्ड मास्टर का स्थाई तबादला की सिफारिश की थी। कमेटी की सिफारिफ पर दोषी का तबदाला बिलासपुर से कोरबा हो गया। कुछ समय कोरबा में रहने के बाद अधिकारी ने पुन: अपना तबादला बिलासपुर कराने में कामयाब रहा। परिचालन में पदस्थ अधिकारी अब पद का लाभ उठाते हुए अधिनस्त कर्मचारियों को प्रताडित करने में लगा हुआ है। गार्ड व अन्य कर्मचारियों से परिवार की पर्सनल बाते पूछता है तो कभी उनकी पत्नी का नम्बर मांगता है। भारतीय मजदूर संघ व अन्य संगठन अब अधिकारियों से पूछ रहे कि स्थाई तबदला आदेश होने के बाद दोषी किस अधार पर बिलासुपर पहुंच नौकरी कर रहा है।

400 कर्मियों ने हस्ताक्षर कर की दोषी को हटाने की मांग
परिचालन विभाग में पदस्थ विशाखा कमेटी में दोषी पाए गए कर्मचारी के खिलाफ दो माह पूर्व ही 4 सौ गार्ड कमियो ने परिवार सम्बंधी जानकारी व अन्य गंभीर आरोप लगाते हुए वरिष्ठ मुख्य मंडल परिचालन प्रबंधक से शिकायत कर चुके है बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।

दोषी को सजा होने के बाद उसका स्थाई तबादला कर दिया था। लेकिन रेलवे अधिकारियों से साठगांठ कर यार्ड मास्टर अब परिचालन विभाग में उच्चपद पर कार्य कर रहा है। वह गार्ड व अन्य से परिवार की निजी बाते व अनगल बात भी करता है इससे सभी परेशान है शिकायत के बाद जांच का आश्वासन मिले 2 माह होने जा रहा है।
कमलेश सिंह जोनल अध्यक्ष भारतीय मजदूर संघ

विशाखा कमेटी ने जो निर्यण दिया है उसका पालन होना चाहिए व मामले में विशाखा कमेटी को संज्ञान लेना चाहिए .
बी कृष्ण कुमार,मंडल समंव्यक मजदूर कांग्रेस

रेलवे में जो भी तबादले होते है वह रेलवे बोर्ड की गाइड लाइन के अधार पर ही होते है। तबादले को लेकर रेलवे बोर्ड की गाइड लाइन है .
साकेत रंजन, सीपीआरओ बिलासपुर जोन

Source:- Patrika