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रेलवे के हजारों रेल कर्मचारियों के बच्चों को टेक्निकल एवं प्रोफेसनल कोर्सेस की पढ़ाई हेतु लगभग 33 करोड़ रुपए की सहायता मिलेगी, साथ ही कर्मचारियों के हितों में अनेक निर्णय लिये गये. यह महत्वपूर्ण निर्णय केंद्रीय कर्मचारी हित निधी समिति की जबलपुर में गुरूवार 16 जुलाई को आयोजित बैठक में लिये गये. वेस्ट सेंट्रल रेलवे एम्पलाइज यूनियन के महामंत्री मुकेश गालव ने बताया कि केन्द्रीय कर्मचारी हित निधि समिति की बैठक आज जबलपुर में सम्पन्न हुई. इस बैठक में रेलकर्मचारी व उनके परिवारजनों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये.

यह है महत्वपूर्ण निर्णय

– तीनों मंडलों (जबलपुर, कोटा व भोपाल) से प्राप्त 1830 कर्मचारियों के आवेदन पर उनके बच्चों को टेक्नीकल एवं प्रोफेषनल कोर्सेस की पढ़ाई हेतु 18000 रुपए प्रत्येक बच्चे को स्कालरषिप स्वीकृत की गयी

– मुख्यालय की कैंटीन का कार्यकाल 06 माह बढ़ाया गया.

– कर्मचारियों के दिव्यांग आश्रितों को आर्थिक सहायता हेतु कुल 360 आवेदन प्राप्त हुये थे . उन सभी आश्रितों की देखभाल हेतु 360 कर्मचारियों को 5000 रुपए की राशि स्वीकृत की गयी.

– कोविड-19 के चलते दिव्यांग कर्मचारियों को आर्थिक सहायता रेलवे बोर्ड से कम फंड रिलीज होने के कारण इस वर्ष स्वीकृत नहीं हो पा रही है.

– तीनों मंडलों को निर्वाह अनुदान हेतु पांच-पांच लाख रुपए एवं दांत व चश्मे की प्रतिपूर्ति हेतु 02-02 लाख रुपए स्वीकृत किये गये.

– मुख्यालय एवं दोनों वर्कशॉप के लिये निर्वाह अनुदान हेतु 1.5-1.5 लाख रुपए एवं दांत व चश्मे की प्रतिपूर्ति हेतु 50-50 हजार स्वीकृत किये गये.