अब रात में ट्रेन चलाने वाले चालक और गार्ड को मिलेगा भत्ता

रात में ट्रेन चलाने वाले चालक और गार्ड हों या स्टेशन मास्टर सभी को रात्रि भत्ता मिलेगा। इसके लिए मंत्रालय ने 18 जुलाई को पत्र जारी कर दिया है। मंडल के छह हजार रेल कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा।

पिछले पांच साल से रेलवे कर्मचारियों को रात्रि भत्ता नहीं दे रहा था। इसके लिए लंबे समय से मांग की जा रही थी। एक जुलाई से रात में काम करने वाले कर्मियों को इसका लाभ मिलेगा।

मंत्रालय के सचिव राजेंद्र प्रसाद तिवारी ने 18 जुलाई को पत्र जारी किया है। सभी कहा गया है कि रात दस बजे से सुबह छह बजे तक काम करने वाले कर्मियों को रात्रि भत्ता दिया जाएगा। एक घंटे ड्यूटी करने पर दस मिनट का रात्रि भत्ता मिलेगा। यानी कर्मचारी के बेसिक वेतन का दस मिनट का वेतन निकाला जाएगा। वही रात्रि भत्ता होगा। एक कर्मचारी को पूरी रात ड्यूटी करने पर 80 मिनट का वेतन मिलेगा। पत्र कहा गया है कि पहली जुलाई 2020 से रात में ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को रात्रि भत्ता दिया जाएगा।

नरमू ने उठाई थी आनाइट ड्यूटी भत्ता (एनडीए) के कार्यान्वयन के लिए 7 वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों पर केंद्र सरकार द्वारा लिए गए निर्णय के बाद, कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने नए निर्देश जारी किए हैं। केंद्र सरकार ने सभी कर्मचारियों को एक विशेष ग्रेड पे के साथ नाइट ड्यूटी भत्ता प्रदान करने की वर्तमान प्रथा को समाप्त कर दिया है। इस महीने DoPT द्वारा जारी किए गए नए निर्देशों पर एक नज़र डालें, जो 01 जुलाई 2017 से लागू होंगे:

  • रात के वेटेज फैक्टर को ध्यान में रखते हुए काम के घंटों में जहां भी पहुंचे हैं, वहां कोई और मुआवजा स्वीकार्य नहीं होगा।
  • सरकार के अनुसार, रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच की गई ड्यूटी को नाइट ड्यूटी माना जाएगा।
  • मूल वेतन पर एक सीलिंग है जिसके लिए एनडीए लागू होगा। DoPT का कहना है, ” नाइट ड्यूटी अलाउंस की पात्रता के लिए मूल वेतन की सीमा रु। 43600 / – प्रति माह। ”
  • रात की ड्यूटी के हर घंटे के लिए 10 मिनट का एक समान वेटेज दिया जाएगा।
  • सरकार बीपी + डीए / 200 के बराबर प्रति घंटा की दर पर एनडीए को भुगतान करेगी। एनडीए दरों की गणना के लिए मूल वेतन और डीए 7 वें वेतन आयोग के अनुसार मूल वेतन और डीए प्रचलित होगा। यह फॉर्मूला सभी मंत्रालयों और विभागों के कर्मचारियों पर लागू होगा।
  • सरकार रात्रि ड्यूटी करने की तिथि पर संबंधित कर्मचारी के मूल वेतन के आधार पर प्रत्येक कर्मचारी के लिए अलग से एनडीए की राशि का काम करेगी।