Janata Curfew: For the first time in Indian Railways' history ...

लॉकडाउन के दौरान 23 से 31 जुलाई तक रेल अफसरों ने भी 50 फीसद रेल कर्मचारियों से काम कराने का निर्णय लिया है। कोरोना वायरस के संक्रमण और लॉकडाउन के बाद से रेलवे भी काफी सतर्कता बरत रही है। सारे विभागों में प्रवेश करने से पहले सैनिटाइज करने के साथ ही सभी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए मास्क को अनिवार्य किया गया है। दूसरी ओर कर्मचारियों की भीड़ बढ़ाने के बजाय फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए 50 फीसद रेल कर्मचारियों से ही काम कराया जा रहा है। जिला प्रशासन ने कोरोना वायरस के संक्रमण से मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद से लॉकडाउन का आदेश दिया है।

इसमें नगर निगम की सीमाओं को शामिल किया गया है। इसमें रेलवे का क्षेत्र भी शामिल है। रेल अफसरों के अनुसार केंद्रीय होने के कारण रेलवे का पूरा कार्य बोर्ड के आदेश पर होता है। पूर्व की तरह चारों ट्रेन हावड़ा – मुंबई, हावड़ा – अहमदाबाद, जनशताब्दी एक्सप्रेस और राजधानी एक्सप्रेस का आगमन स्टेशन पर हो रहा है। साथ ही स्टेशन के पीआरएस भी पहले की तरह खुले रहेंगे। वहीं प्रशासन के आदेश का पूरा पालन किया जा रहा है, जिसमें कर्मचारियों की संख्या कम की जा सकती है।