रेल मंडल के कार्मिक विभाग के एक आदेश ने उनकी ही कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर दिया है। दरअसल, विभाग ने एक आदेश निकाला है, जिसमें कहा गया है कि कोरोना काल को देखते हुए अब 100 नहीं बल्कि 50 फीसदी कर्मचारी ही कार्यालय आएंगे, बाकी घर पर रहेंगे। सवाल इस बात को लेकर है कि जिस विभाग के कर्मचारियों का अन्य विभाग और लोगों के साथ संपर्क नहीं होता, वहां कार्य करने वाले कर्मचारियों की संख्या आधी कर दी गई, लेकिन जिस विभाग के कर्मचारियों को स्टेशन, ट्रेन, बाजार और फील्ड में रहने का कहा है, उन्हें कोई रियायत नहीं दी है।

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कमर्शियल, इंजीनियरिंग विभाग परेशान रेलवे के कार्मिक विभाग का मुख्य कार्य कर्मचारियों का वेतन, पेंशन और विभागीय कार्य होते हैं। इस दौरान उनका न तो अन्य विभाग के कर्मचारियों से संपर्क होता है न ही आम लोगों से। कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की बढ़ती संख्या को देखते हुए उन्हें राहत दे दी है। वहीं कमर्शियल विभाग से लेकर इंजीनियरिंग, मैकेनिकल, ऑपरेटिंग विभाग में काम करने वाले कर्मचारी, स्टेशन, ट्रेन, सर्कुलेशन एरिया ही नहीं बल्कि बाजार जाकर मालगाड़ी के लिए माल उपलब्ध कराने में जुटे हैं। इन्हें कोई राहत नहीं दी गई हैं।

दो ट्रेन, सभी विंडो खोली जबलपुर रेलवे स्टेशन से वर्तमान में सिर्फ दो ट्रेन ही चल रही हैं और यहां से 10 ट्रेन गुजर रही हैं। इन ट्रेनों में जबलपुर से बैठने, उतरने वालों की संख्या 100 भी नहीं है, इसके बाद भी आरक्षण केन्द्र से लेकर स्टेशन के बुकिंग काउंटर तक को खोल दिया है। यहां काम करने वाले भी इन दिनों तनाव में हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा कि वे अपने आपको इस तरह संक्रमण से बचाएं। यहां न तो आधा लोगों के काम करने का नियम है और न ही किसी तरह की रियायत।