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कोरोना संक्रमण और ट्रेनों के संचालन में कमी आने से कमाई कम होने के कारण भोपाल रेल मंडल खर्च घटाने में जुट गया है। इसकी शुरुआत भोपाल रेलवे स्टेशन पर बिजली की खपत कम कर बिल में कटौती और रिजर्वेशन चार्ट की छपाई बंद कर के की गई है। इसी तरह खर्च कम करने के लिए रेलवे आगे भी कई योजनाओं पर काम कर रहा है।

आउटसोर्स सेवाओं की समीक्षा भोपाल रेल मंडल के डीआरएम उदय बोरवणकर ने सभी विभाग प्रमुखों से कहा कि रेलवे जो सेवाएं (सेफ्टी को छोड़कर) आउटसोर्स पर लेता है, उनकी समीक्षा की जाए और जरूरी न हो, उन सेवाओं को तथा सामग्री की खरीदी को कुछ महीनों के लिए टाल दें।

ये होगी बचत रेलवे हर महीने लाखों रुपये की सेवाएं और सामग्री आउटसोर्स करता है। इनकी समीक्षा करने से बचत होना तय है। रेलवे के हर विभाग अपने-अपने स्तर पर खरीदी करके रखते हैं, अब जो सामग्री जरूरी नहीं होगी, उसकी खरीदी फिलहाल नहीं की जाएगी। साथ ही जिन सेवाओं में कम कर्मचारी से काम चल जाएगा, वहां ज्यादा कर्मचारी आउटसोर्स पर नहीं लिए जाएंगे।

बिजली की बचत भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म-1 पर ट्रेन के आते ही 100 फीसद एलईडी लाइट्स चालू हो जाती हैं और ट्रेन के जाते ही 50 फीसद बंद हो जाती हैं। ऐसा करने से कम बिजली खर्च हो रही है। एक रात में एक हजार रुपये बिल की बचत हो रही है। इस तरह इटारसी डीजल व बिजली शेड में भी बचत की जाएगी। आने वाले समय में सभी स्टेशनों के प्लेटफार्म पर यह होगा।

रिजर्वेशन चार्ट की छपाई बंद  रेल मंडल ने रिजर्वेशन चार्ट की छपाई बंद कर दी है। रेलवे का मानना है कि छपाई, कागज खर्च और संधारण को मिलाकर सालाना 50 लाख रपये बचेंगे। आने वाले समय में रेलवे के प्रत्येक दफ्तर में कागजी खर्च को और कम करने की योजना है।

गैर जरूरी निर्माणों की समीक्षा रेलवे ऐसे गैर जरूरी प्रस्तावित निर्माण कार्यो की समीक्षा कर रहा है, जिनका निर्माण रोकने से रेलवे की सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ना है। ऐसे कामों को बाद में करने की योजना है। हालांकि इनमें सेफ्टी व वर्तमान में निर्माणाधीन कार्य शामिल नहीं है।

भोपाल रेल मंडल के प्रवक्ता आईए सिद्दीकी का कहना है कि गैर जरूरी खर्च कम करने शुरू कर दिए हैं। आने वाले समय में भी खर्च कम करने की योजना है, उस पर लगातार काम किया जा रहा है। सेफ्टी से जुड़े किसी काम पर खर्च कम नहीं किया जाएगा। वे काम पूर्व की तरह यथावत जारी रहेंगे, बल्कि ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है।